कांवड़ यात्रा रूट में दुकानों पर दुकानदारों के नाम लिखने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा – सुनवाई कल
नई दिल्ली, 21 जुलाई। यूपी में कांवड़ यात्रा रूट पर दुकानों के बाहर दुकानदारों के नाम लिखने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। एसोसिएशन आॅफ प्रोटेक्शन आॅफ सिविल राइट्स, एपीसीआर नामक एक एनजीओ ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। दायर याचिका में कांवड़ यात्रा रूटों पर दुकानदारों के नाम लिखने के यूपी सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है। एनजीओ एपीसीआर की ओर से याचिका में यूपी सरकारए डीजीपीए एसएसपी मुजफ्फरनगर को पक्षकार बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में कल सोमवार 22 जुलाई को इस केस में सुनवाई होगी। याचिका में उत्तराखंड सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है। ज्ञात हो कि यूपी की तर्ज पर उत्तराखंड में भी हरिद्वार के एसएसपी ने इस बावत आदेश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि उक्त मामले में पहल करते हुए मुजफ्फरनगर शामली एवं सहारनपुर पुलिस ने दुकानदारों को इस बावत आदेश दिए। जिसके बाद राज्य सरकार ने भी आदेश जारी कर दिए। इसके पश्चात ही मामला तूल पकड़ता चला गया और कांग्रेसए सपाए बसपा समेत जेडीयू, आरएलडी, आदि दलों ने उत्तर प्रदेश सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी और देखते-ही-देखते इस मामले में देशव्यापी बहस शुरू हो गई। ज्ञात हो कि इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के विरोध में आरएलडी के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चैधरी ने पत्रकारों से कहा था कि यूपी सरकार ने यह फैसला बिना सोचे समझे जल्दबाजी में लिया है अभी भी समय सरकार को यह फैसला वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कांवड़ यात्रा सभी करते हैं। कांवड़ सेवा करने वालों की पहचान धर्म या जाति से कोई सरोकार नहीं है।