Browsing Category

सम्पादकीय

“सरकारी नौकरियों का मृगतृष्णा युग” पढ़े-लिखे युवाओं का बेरोजगारी महोत्सव

भारत में लाखों पढ़े-लिखे युवा हर साल सरकारी नौकरी की आशा में विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेते हैं। हरियाणा में लगभग 13 लाख…

डिग्रियों की दौड़ में दम तोड़ते सपने, कोटा बना सबसे बड़ा मानसिक तनाव केंद्र

भारत में शिक्षा संस्थान अब केवल डिग्रियों की फैक्ट्री बनते जा रहे हैं, जहां बच्चों की संभावनाएं और संवेदनाएं दोनों दम…

“स्क्रॉल संस्कृति और अंधविश्वास: तकनीक के युग में मानसिक गुलामी”

आज का युग तकनीक और सूचना का है। हर हाथ में मोबाइल है, हर जेब में इंटरनेट। लेकिन क्या वास्तव में हम ज़्यादा जागरूक हुए…