ओटीटी: परदे से परे दर्शक की सोच का नया सिनेमाघर
ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म्स ने भारतीय दर्शकों की सोच और पसंद को एक नई दिशा दी है। अब सिनेमा केवल बड़े परदे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे परदे पर गहरी और विविध कहानियाँ जगह बना रही हैं। दर्शक अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि विचार और यथार्थ से जुड़ाव चाहते हैं। यह लेख दर्शकों की बदलती सोच, ओटीटी के बदले तेवर और समाज में इसकी बढ़ती भूमिका पर केंद्रित है। ओटीटी अब सिर्फ विकल्प नहीं, विचारों का नया सिनेमाघर बन गया है – एक ऐसा मंच, जहाँ कहानी अब दिल से कही जाती है, न कि बस दिखावे के लिए।