साध्वी बनने का नया ट्रेंड: त्याग की ओट में सुख का ब्रांड?
बचपन में हम सुनते थे कि साध्वी वह होती है जो मोह, माया, श्रृंगार, आकर्षण और सांसारिक जिम्मेदारियों से ऊपर उठ गई हो। वह जो खुद को समर्पित कर दे — ध्यान, साधना और आत्मा के शुद्धिकरण के लिए। आज की दुनिया में जब हम ‘साध्वी’ शब्द सुनते हैं, तो कल्पना में कोई ध्यानमग्न स्त्री नहीं आती, बल्कि किसी मंच पर तेज रोशनी में प्रवचन देती, डिज़ाइनर केसरिया वस्त्रों में सजी-धजी, सोशल मीडिया पर हजारों अनुयायियों वाली कोई ‘आधुनिक साध्वी’ उभर आती है।