“सरकारी नौकरियों का मृगतृष्णा युग” पढ़े-लिखे युवाओं का बेरोजगारी महोत्सव
भारत में लाखों पढ़े-लिखे युवा हर साल सरकारी नौकरी की आशा में विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेते हैं। हरियाणा में लगभग 13 लाख शिक्षित बेरोजगार हैं। तीन लाख से अधिक सरकारी पद रिक्त हैं, परंतु नियुक्तियाँ ठप हैं। ओवरऐज हो चुके उम्मीदवार सरकार से जवाब चाहते हैं, लेकिन जवाब न नीति में है न नीयत में। बीटेक, पीएचडी, एमए और एलएलबी धारक युवा अब चपरासी की नौकरी को भी सौभाग्य मानने लगे हैं। यह केवल बेरोजगारी नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रतिभा के अवमूल्यन की त्रासदी है — जिसे अब अनदेखा करना देश के भविष्य से खिलवाड़ होगा।