गाँधी जी के विचारों का ढोंग करने वाले इसका विरोध कर रहे हैं – कैलाश सोनी
संविधान के खिलाफ हिंसात्मक
प्रदर्शन देशहित में नहीं
अ.भा.वि.प. की व्याख्यानमाला
में हुआ विचारमंथन

नरसिंहपुर। स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नरसिंहपुर के सभागार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, नरसिंहपुर द्वारा “नागरिकता संशोधन कानून आम भारतीय की आवाज” विषय को लेकर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। भारत माता, स्वामी विवेकानंद जी के तैल्यचित्र के पूजन उपरान्त परिषद गीत से प्रारम्भ हुई व्याख्यान माला में हुए विचारमंथन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने-अपने मत रखे। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक राघवेन्द्र ने कहा कि इस कानून से शरणार्थियों को सम्मानपूर्वक जीने का अवसर मिला है और इसके माध्यम से आम भारतीय नागरिक एवं घुसपैठियों की वास्तविक पहचान संभव होगी।

मुख्यवक्ता राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने विस्तार से नागरिक संशोधन कानून पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गांधी की इच्छा के अनुरूप इस कानून को बनाया गया है लेकिन गांधीजी के विचारों पर चलने का ढोंग करने वाले लोग इसका षडयंत्रपूर्वक विरोध करते हुए अराजकता को हवा दे रहे हैं। किसी विषय का लोकतंत्रात्मक विरोध उचित है लेकिन हिंसात्मक प्रदर्शन को देश स्वीकार नहीं करेगा। क्योंकि सदाचार और स्वाभिमान भारत की पहचान है यह कानून आम भारतीय की बहुप्रतीक्षित मुखर आवाज है जिसे लोकतंत्र के मंदिर में संसद भवन के दोनों सदनों ने स्थापित किया है। यह आम कानून जैसा नहीं है बल्कि संविधान का महत्वपूर्ण भाग है जिसको देश के सभी राज्यों की सरकारों को लागू करना ही होगा इसके लिए लोक शिक्षण की दृष्टि से जनजागरण के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा संचालित सकारात्मक गतिविधियंा सराहनीय हैं।
परिषद वक्ता एवं भा.ज.यु.मो. नरसिंहपुर के जिलाध्यक्ष विनीत नेमा ने कहा कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में राजनीतिक दलों की भूमिका उजागर होने का समय है। जनता सब देख रही है, भारत की वर्तमान सरकार ऐसी है जो अतितीव्र गति से राष्ट्रवाद को स्थापित करने वाले वर्षों से जानबूझकर विवादित किए जा रहे विषयों पर सकारात्मक समाधान देते हुए देश को नई दिशा दे रही है जिससे निश्चित ही भारत विश्व की महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। निरंतर चल रही देश विरोधी गतिविधियों के इस संक्रमण काल में मजबूत हिन्दुस्तान बनाने का समय है इसमें छात्रों और युवाओं को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी पड़ेगी। कार्यक्रम अध्यक्ष समाज सेविका श्रीमति उजाला नारोलिया, शब्बीर उस्मानी, एडवोकेट अवधेश शर्मा भी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संयोजन शिवम श्रीवास्तव, श्रीकान्त कौरव, संचालन-महेन्द्र कौरव, बलवीर गोल्हानी एवं आभार प्रदर्शन, ध्रुव चौरसिया ने किया। सामूहिक वन्देमातरम गीत से व्याख्यानमाला का समापन हुआ। जिसमें प्रमुख रूप से आर.एस.एस. जिला प्रचारक प्रशांत , महंत प्रीतमपुरी, भगवानदास राय, कमल सिंह जाट, कमलेश कौरव, अमितेन्द्र नारौलिया, सुदर्शन वैद्य, अजय प्रताप पटैल, तुलसीराम जाट, रमाकान्त चौबे, बंटी सलूजा, शारदा साहू, कैलाश साहू, मनीष ठाकुर, संतोष अवधिया, दीपेश तिवारी, राकेश चौरसिया, शिशिर दुबे, चिपिन गोयल, धनंजय नागेश, मनोज साहू, देवेन्द्र राव, नीतेश ठाकुर, पवन पटैल, आकाश सिलावट, राहुल जाटव, डालचंद चौधरी, रवि नौरिया, गोविन्द चौधरी, दीपा जाटव, श्रृद्धा सोनी, मनीषा जाटव सहित सैंकड़ों की संख्या में छात्रों एवं युवाओं की उपस्थिति रही।