नेताजी के जीजा जी की दंबगई
जिलें में चर्चा का माहौल गर्म

नरसिंहपुर जिले में पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा रविवार के दिन जमीन के एक मामले को लेकर जिस तरह की कार्रवाई की गई उसकी चर्चा गली चौराहे पर हो रही है खास बात यह है कि जमीन से कुछ ऐसे लोग जुड़े हैं जो कि विधानसभा अध्यक्ष के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं जिले में चर्चा का विषय इस बात को लेकर भी है कि एक गरीब को न्याय दिलाने अधिकारी सालों लगा देते हैं यदि किसी गरीब ने शिकायत की कि साहब मेरी जमीन पर दबंग नेताओं द्वारा कब्जा किया गया है तो उसको अधिकारी कोर्ट का मामला बताकर लटका देते हैं और आज एक नेता जी से जुड़े रिश्तेदार की जमीन को लेकर जिस तरह पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने उनके पक्ष में कार्रवाई की उसकी चर्चा तो होनी ही चाहिए क्या कानून अमीर के लिए अलग और गरीब के लिए अलग है

रविवार के दिन राजस्व और दो थानों की पुलिस दलबल के साथ एक ऐसे व्यक्ति को जमीन का कब्जा दिलाने पहुंची जो कि वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं और वहां मीडिया कर्मी भी उपस्थित थे जब एक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा कवरेज की जा रही थी तो नेताजी के रिश्तेदार ने पुलिस के सामने ही उस पत्रकार से कहा फोटो क्यों ले रहे हो ? कवरेज करने से रोका गया
पत्रकार ने कहा हमारा काम है तो उसने कहा कि काम हो गया, खेल खत्म
एक कहावत है ना कि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का एक तरफ मुख्यमंत्री बात करते हैं कि पत्रकारों से कोई भी अभद्रता नहीं की जायेगी यदि हुई तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी, पर नरसिंहपुर जिले में मुख्यमंत्री के इस आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है इससे पहले भी पत्रकारों को अधिकारियों द्वारा डराया धमकाया जा चुका है पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में। चलिये ठीक है
अब हम बात करते हैं इस मामले की मामला नरसिंहपुर महर्षि स्कूल के सामने लगी बेशकीमती जमीनों का है जहां दिलीप सिंह जाट आत्म कन्हैया लाल जाट विरुद्ध श्रीमती गंगा बाई प्रजापति पति गोपाल प्रसाद प्रजापति एवं अनीता बाई प्रजापति आत्मज गोपाल प्रसाद प्रजापति के बीच जमीनी विवाद है जिसे लेकर आज रविवार के दिन राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की टीम दल बल के साथ पहुंची और गंगा भाई प्रजापति पति गोपाल प्रसाद प्रजापति के पक्ष में कार्रवाई की गई.
जिले में चर्चा का माहौल बन गया है कि विधानसभा अध्यक्ष के रिश्तेदार होने के नाते पुलिस विभाग के अधिकारी रविवार को भी उनकी सेवाएं देने आतुर होते हैं और यदि एक गरीब व्यक्ति शिकायत करता तो उसे अधिकारी कल परसों कह कर टाल देते हैं पर इस मामले में रविवार के दिन जिस तरीके से पुलिस दलबल के साथ कार्रवाई हुई उसे एक बात साबित हो रही है कि अमीरों के लिए अलग कानून गरीबों के लिए अलग कानून इस मामले को लेकर देखना होगा कि भाजपा मोर्चा खोल पाती है कि नहीं, और वरिष्ठ पत्रकार के साथ जो व्यवहार किया गया है उसे लेकर पत्रकार संगठन क्या कार्रवाई करते हैं यह देखने वाली बात होगी.
बोलो नेताजी के जीजा जी की जय