हिजबुल्लाह के सदस्यों को बनाया निशाना, हजारों पेजर एक साथ फट गए
बेरूत, 18 सितंबर। मंगलवार की दोपहर लगभग 3ः45 को पूरे लेबनान और सीरिया में कई जगह हिजबुल्लाह के सदस्यों द्वारा मैसेज भेजने के लिए इस्तेमाल हो रहे हजारों पेजर बीप की आवाज आते ही एक साथ फट गए। पेजर विस्फोटों ने हिजबुल्लाह को हिलाकर रख दिया है। पेजर धमाके करने का आरोप हिजबुल्लाह ने इजरायल पर लगाया है। यह अभी साफ़ नहीं हो सका है कि एक साथ इतने पेजरों में धमाके कैसे हुए। हिजबुल्लाह के लड़ाके आपस में बात करने के लिए पेजर का इस्तेमाल करते हैं। इसका इस्तेमाल वो इसलिए करते थें क्योंकि इसमें कोई ऐसी टेक्नोलाॅजी का इस्तेमाल नहीं की, जिससे इसे हैक किया सके। वहीं इजराइल ने इसे इसलिए निशाना बनाया क्यों ये डिवाइस ज्यादातर सभी लड़ाके अपने पास रखते हैं। यह पेजर 1950 और 1960 के दशक में विकसित किए गए थे। लेकिन 1980 से लेकर 1990 के करीब ये व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने लगे थे। इसका कारण मोबाइल फोन थे। धीरे-धीरे समय के साथ इसकी जगह सेलफोन ने ले ली।
लेबनान में मंगलवार को पेजर्स को निशाना बनाकर हिजबुल्लाह पर बड़ा हमला किया है। इस सीरियल ब्लास्ट होने से अब तक 9 लोगों की मौत हो गई है। वहीं करीब 2800 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इजराइल ने इन्हें हैक करके धमाका करा दिया। ऐसे में ये सवाल उठता है, इजराइल ने आखिर पेजर को ही निशाना क्यों बनाया और इसका हिजबुल्लाह से क्या खास कनेक्शन है?
गौरतलब है कि इजराइल और हिजबुल्लाह की जंग किसी से छुपी नहीं है। हिजबुल्लाह के लड़ाके आपस में बात करने के लिए पेजर का इस्तेमाल करते हैं। इसका इस्तेमाल वो इसलिए करते थें क्योंकि इसमें कोई ऐसी टेक्नीक नहीं थी, जिससे इसे हैक किया सके। वहीं इजराइल ने इसे इसलिए निशाना बनाया क्यों ये डिवाइस ज्यादातर सभी लड़ाके अपने पास रखते हैं। यानी अपने शरीर के सबसे करीब रखते हैं। इससे ब्लास्ट का असर और ज्यादा होने के चांस होता है। इस हमले के बाद लेबनान के सूचना मंत्री ने इसके पीछे इजराइल का हाथ बताया है। इस हमले की स्टाइल को मंत्री ने जेम्स बॉन्ड स्टाइल बताया है. इस हमले में हिजबुल्लाह के हजारों लड़ाके समेत कई ईरानी राजदूत भी घायल हुए हैं। एक रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले कुछ दिनों में हिजबुल्लाह के लड़ाकों को पेजर की एक नई खेप मिली थी।