डोनाल्ड ट्रंप पर हमला, अमेरिकी राजनीति में मचा हड़कंप
वाशिंगटन, 15 जुलाई। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पेन्सिलवेनिया में एक रैली को संबोधित करने के दौरान फायरिंग हुई, इस हमले में गोली उनके कान को छूकर चली गई। पूर्व राष्ट्रपति पर हुए इस जानलेवा हमले में सवाल यह उठ रहे हैं कि आखिरकार सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई कि कोई हमलावर सुरक्षा घेरे से महज सवा सौ मीटर की दूरी पर घात लगाने में सफल हो गया। हालाकि हमलावर को बिना समय गवाए सुरक्षाकर्मियों ने मार गिराया।
गौरतलब है कि हमलावर को लेकर बार-बार चेतावनी के बाद भी सीक्रेट सर्विस ने अनदेखी की। सीक्रेट सर्विस के रवैए को लेकर सवाल उठे हैं। उसके पास हमलावर को रोकने का पर्याप्त समय था। सीक्रेट सर्विस ने अगर समय पर कार्रवाई की होती तो न ट्रंप पर गोली चलती और न ही दो लोगों की मौत होती। जिस समय टंप पर फायर किया गया उस समय वह जोश से भरे भाषण दे रहे थे और समर्थक तालियां बजा रहे थे, नारे लगा रहे थे। तीन गोलियों की आवाज आई और तीसरी गोली पोडियम पर खड़े ट्रंप के कान को छूती हुई गुजरी। गोलियों की आवाज सुनते ही पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप झुक गए और पोडियम की आड़ में छिप गए। ट्रंप के नीचे झुकते ही रैली में चीख-पुकार मच गई और सीक्रेट सर्विस के गार्ड मंच पर पहुंच गए। सिक्योरिटी गार्ड्स ने ट्रंप को चारों तरफ और ऊपर से भी सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड्स ने हालात का जायजा लिया।