ऐसे अनोखे विरोध की अगर लहर चल गई, तो सरकार मुश्किल में?
*लाॅकडाउन में लोगों ने किया जनहित में अनोखा विरोध*

जब लोग अपने जिंदा होने को ही सबसे बड़ा विकास समझने लगे, तो समझ लीजिये स्थिति काफी गंभीर है।
कोरोना महामारी के कारण देश में लगे लाकडाऊन की वजह से कुछ जिंदगीयां तबाह हो गई तो वही कुछ लोगों का परिवार बर्बाद हो गया, पर अभी भी देश में ऐसे अंधभक्त लोग हैं जिन्हें इस समय अपने नेता जी की जी हुजूरी ही सबसे प्रिय है।
मध्यप्रदेश के कई जिलों में लोगों ने नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच जबलपुर के आव्हान पर काले झंडे/कपडा बांधकर सरकार तक अपना आक्रोश व्यक्त किया है।

हम आपको बता दें कि देश में लाॅकडाउन के दौरान जब से शराब ठेके खुले हैं कोरोना संक्रमित में इजाफा हुआ है। लोगों की पहली मांग मध्यप्रदेश में खुली शराब दुकान तत्काल बंद हो।
दूसरी मांग देश में लाकडाऊन के कारण गरीब व मध्यवर्गीय परिवारों को काफी आर्थिक परेशानी झेलनी पड रही है ऐसे में निजी स्कूलों की तीन माह की फीस माफ की जाये।
तीसरी मांग इस लाकडाऊन के दौरान लोगों के आ रहे अनाप शनाप बिजली बिल हैं जिन्हें माफ किया जाये।
उपरोक्त तीन मांगो के लिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने जबलपुर सिवनी नरसिंहपुर गाडरवारा गोटेगाव के लोगों ने अपने घरों के छत पर काला कपडा, तो किसी ने अपने माथे पर काली पट्टी बांधकर तो किसी ने काले छाते से ही शांतिपूर्ण अनोखा विरोध किया।
लोगों के इस अनोखे विरोध की फोटो सोशल मीडिया वायरल हो रही है। यह अनोखा विरोध यदि देश में फैल गया तो सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
अब देखना होगा कि मध्यप्रदेश सरकार क्या निर्णय लेती है।