नहीं तो, वन विभाग के खिलाफ जल्द आंदोलन।

डीएफओ साहब कब करेंगे कार्रवाई

नरसिंहपुर जिले में जंगलों को जिस तरह से नष्ट किया जा रहा है आने वाले समय में जहां आपको घनघोर जंगल दिखाई देता था वहां बड़े-बड़े कालोनाईजरो की कॉलोनी दिखाई देंगी और जो दुर्लभ वन्य प्राणी आपको घने जंगलों में कभी कभार दिख जाते थे वह विलुप्त हो जाएंगे।

नरसिंहपुर जिले अंतर्गत बचई वन परिक्षेत्र बरमान वन परिक्षेत्र एवं अन्य वन परिक्षेत्र अंतर्गत जंगलों में अवैध कटाई और ईंट भट्टों का काला बाजार फल फूल रहा है जिसकी जानकारी समय-समय पर मीडिया कर्मियों द्वारा प्रकाशित कर जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाता है पर कोई ठोस कार्रवाई आज तक जिले वासियों को दिखाई नहीं दी।

नरसिंहपुर जिले में वनों की कटाई का मुख्य कारण, अवैध ईंट भट्टों के कारोबार फलना फूलना एवं अधिकारियों की निष्क्रियता के साथ साथ वनों से कीमती है कीमती पेड़ों की तस्करी भी है, यदि जल्द इस दिशा में जिम्मेदार अधिकारियों एवं द्वारा जनप्रतिनिधि द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में घने जंगलों की जगह चरपट मैदान, जिस पर माफियाओं का कब्जा नजर आएगा।

इस विषय हेतु कलेक्टर के नाम एडीएम मनोज ठाकुर को सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पत्रकारों द्वारा ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के बैनर तले भागीरथ तिवारी, सुधीर चौधरी दीपचंद जाटव, राजीव राणा, गीत गोविंद पटेल, संजय मेहरा, सुभाष तेनगुरिया, अभय हिन्दुस्तानी, कमलेश साहू, मनोज शुक्ला, गोविंद भंडारी, अतुल नेमा ने अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई की मांग की है।

विगत दिनों ही दो तेंदुआ बचई वन परिक्षेत्र अंतर्गत दुर्घटना का शिकार होकर मौत के काल में समा गए थे जिस पर अभी तक वन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है जिससे प्रकृति प्रेमियों भी खासी नाराजगी दिखाई दे रही है और जिम्मेदार वन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग बढ़ने लगी है।