एक दिवसीय अल्पविराम परिचय कार्यशाला संपन्न

उमरिया – राज्य आनंद संस्थान, आनंद विभाग म. प्र. शासन के निर्देशानुसार विकासखंड स्तरीय एक दिवसीय परिचय कार्यशाला का आयोजन संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के इरेक्टर हॉस्टल प्रकाश नगर पाली में किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभय सिंह ओहरिया (आईएएस) के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली टी आर नाग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाली कन्हाई कुंवर, नगर निरीक्षक पाली एम एल मराबी एवं समन्वयक जनपद शिक्षा केंद्र पाली संतोष शिवहरे की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया। कार्यशाला में राज्य आनंद संस्थान के मास्टर ट्रेनर्स संजय पाण्डेय, प्रतिभा कटरे, कुसुम पाठक, रूपा द्विवेदी एवं आशा तिवारी तथा आनंदम सहयोगी दीपक नामदेव, जनपद पंचायत पाली के पीसीओ अंजनी चनपुरिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती माता के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत अंजनी चनपुरिया, मोहम्मद इब्राहिम व विनीता चतुर्वेदी द्वारा माल्यार्पण एवं राज्य आनंद संस्थान की बुकलेट भेंट कर किया गया। सभी मास्टर ट्रेनर्स ने सामूहिक रूप से प्रार्थना कराया।
प्रथम सत्र में संजय पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों का परिचय लेते हुए राज्य आनंद संस्थान की वीडियो का प्रदर्शन किया और इसके साथ ही राज्य आनंद संस्थान की गतिविधियों के बारे में बताया। अल्प विराम क्या है? आनंद क्या है? आनंद कब-कब बढ़ता है? आनंद कब -कब घटता है? आदि पर सविस्तार चर्चा करते हुए कहा प्रतिस्पर्धा के इस युग में आम आदमी का आनंद कहीं खो गया है।उस खोए हुए आनंद को जीवन प्रबंधन के द्वारा पुनः लाया जा सकता है । विश्वास और आनंद की लौ से व्यक्ति अपने जीवन को प्रकाशित कर सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से आनंद कैसे प्राप्त करें? जीवन प्रबंधन के बारे में परिचय कराया एवं मानसिक तनाव को दूर करने के बारे में बताया गया।
दूसरे सत्र में श्रीमती प्रतिभा कटरे मास्टर ट्रेनर्स आनंद विभाग द्वारा जीवन का लेखा-जोखा बताते हुए सभी प्रतिभागियों को बताया कि हम अपने जीवन रूपी कंपनी के सीईओ हैं। हमें अपनी खुशियों की चाबी दूसरे के हाथ में नहीं देना है। मदद और दुख के भावों को चार प्रश्नों के आधार पर बताते हुए अपने व प्रतिभागियों के अनुभवों के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि खुशहाल व संतुलित जीवन के लिए कृतज्ञता और माफी का महत्व क्या है।
मध्यावकाश में स्वरुचि पूर्ण भोजन के उपरांत श्रीमती कुसुम पाठक द्वारा एक आइस ब्रेकर की गतिविधि कराई गई तथा तीसरे सत्र में जीवन में रिश्तों के महत्व पर प्रकाश डाला। अनुभव और वीडियो के आधार पर लोगों को रिश्तों की अहमियत समझाते हुए अपने जीवन में बिगड़े रिश्तों को सुधारने के लिए प्रयास करने को कहा। चौथे सत्र में आशा तिवारी ने संपर्क सुधार व दिशा तथा श्रीमती रूपा द्विवेदी ने फ्रीडम ग्लास के माध्यम से स्वयं के परिमार्जन व परिशोधन की कहानी अपने ही जीवन के उदाहरणों से प्रस्तुत की।
प्रतिभागियों से भी सत्र के बीच में अनुभव प्राप्त किए गए एवं फीडबैक लिया गया। विपिन विश्वकर्मा व त्रिवेणी सोनी के अनुभव हृदय स्पर्शी रहे। मुख्य अतिथि टी आर नाग जी द्वारा कार्यशाला में उपस्थित पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, राजस्व विभाग पटवारियों, बीएसी, जन शिक्षक, कृषि विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए आनंद के बारे में कहा स्वयं आनंदित रहें, दुसरे को भी आनंदित करें। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाली कन्हाई कुंवर ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में असली आनंद का आधार अल्पविराम है। कार्यक्रम में जिला जेल उमरिया से जेल अधीक्षक डी के सारस जी उपस्थित हुए व उन्होंने आनंद विभाग की गतिविधियों को बताते हुए जिला जेल में उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों को बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथि अधिकारियों द्वारा द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया । कार्यक्रम के आयोजन में विशेष रूप से श्री अंजनी चनपुरिया, मोहम्मद इब्राहिम, गणेश द्विवेदी, अभिषेक शुक्ला एवं दीपक नामदेव का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन संजय पांडेय ने किया।