युवा टीम ने ग्रामीणों को गीला-सूखा कचरा अलग रखने के प्रति किया जागरूक

उमरिया- स्वच्छता अभियान के तहत उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ अभय निर्देशन पर स्वच्छता नोडल अधिकारी मनीषा कंडरे के मार्गदर्शन पर जिले सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम उमरिया द्वारा ग्राम पंचायत गोरइया के पंचायत लर्निंग सेंटर में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर कर पंचायत परिसर के चौराहे पर नुक्कड़ नाटक आयोजित कर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।इसमें सक्षम युवाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के टिप्स दिए गए। उनको गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग रखने और गीले कचरे को प्रयोग में लाने के तरीके बताए।
पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी ने बताया कि गीले कचरे के लिए हरे डस्टबीन, सूखे कचरे के लिए नीले डस्टबीन का प्रयोग किया जाना चाहिए। गीले कचरे की बात करें तो उसमें घरों के किचन से निकलने वाला कूड़ा-कर्कट व घरों में बनाए पार्क-गार्डन इत्यादि से निकलने वाली फूल-पत्तियां होती हैं। यदि इनके लिए घरों में अलग डस्टबीन होगा तो इस कचरे से खाद बनाई जा सकती है। जिसका प्रयोग फसलों के लिए किया जाता है। वहीं सूखे कचरे में प्लास्टिक, पेपर, लोहा, बोर्ड व अन्य वस्तुएं आती हैं। यदि इनके लिए नीले रंग का डस्टबीन घरों में होगा तो इन्हें रिसाइकिलिग करने में परेशानी नहीं होगी।इसलिए सफाई और गीला व सूखा कूड़ा के लिए अलग-अलग डस्टबीन जरूर लगाएं। हम अपने घरों का कचरा आंगन में एक बड़े से डस्टबिन में रोज जमा करें और घर के सभी सदस्‍यों को डस्टबिन का उपयोग करने को बाध्य करें। किसी भी आयोजन के उपरांत ऐसी स्थिति पैदा ना होने दें कि आयोजन का कचरा वहीं पड़ा रहे। पॉलीथिन का प्रयोग पूर्णतः वर्जित करें। उसकी जगह घर से स्वयं एक झोला लेकर निकलें, क्योंकि जब तक ग्राहक पॉलीथिन की भीख मांगता रहेगा तब तक दुकानदार को भी ग्राहक बनाए रखने के लिये उसे पॉलीथीन देना पड़ेगा। नुक्कड़ नाटक के दौरान पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी, पर्यावरण मित्र खुशी सेन,साक्षी रैदास, खुशबू बर्मन,सुलेखा राठौर, लक्ष्मी महोबिया,दीपिका मरकाम,अनीता रौतेल,कशिश महोबिया,सोनिया पटेल,शिवंजली सोनी,नेहा यादव,अनुसूइया दहिया,संजना केवट, व सभी उपस्थित रहे।