नवांकुर संस्थाओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

उमरिया। मप्र जन अभियान परिषद उमरिया में समृद्धि योजनांतर्गत 2 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण जिला पंचायत उमरिया के सभागार मे प्रारंभ हो गया है। उमरिया मे जन अभियान परिषद के संभाग समन्वयक प्रवीण पाठक , जिला उमरिया के डिप्टी कलेक्टर अम्बिकेश सिंह ,जिला समन्वयक रविंद्र शुक्ला , शिक्षाविद आदिमजाति कल्याण सर्किल अधिकारी संजय पांडे , आदिम जाति कल्याण विभाग उमरिया से श्री पुष्पेंद्र, विकासखंड मानपुर समन्वयक महेन्द्र सिंह , विकासखंड समन्वयक पाली श्री मती पुष्पा टेकाम की उपस्तिथि में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
अतिथि स्वागत पश्चात स्वागत उद्बोधन में संभाग समन्वयक प्रवीण पाठक ने प्रशिक्षण की रूपरेखा और परिषद की योजनाओं के विषय अवगत करवाते हुए प्रशिक्षण को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर उमरिया जिले के डिप्टी कलेक्टर अम्बिकेश सिंह ने कहा कि प्राचीन समय से ही किसी भी कार्य को करने के लिए समाज सामूहिक रूप से मिल जुलकर कार्य करता आया था। युवा वर्ग सदैव उनके कार्यों का अनुसरण करते हुए आगे बढ़ते हैं। सामूहिकता समाज के विकास की धुरी है। आज का युवा समाज का चौमुखी विकास करने में महत्त्व पूर्ण भूमिका में निरन्तर लगा हुआ है। उन्होंने कहा की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण मे गाँव गाँव तक कार्य करने की आवश्यकता है ।
महाविद्यालय में पदस्थ व्याख्याता अभय पांडेय द्वारा सोशल ऑडिट की समग्र जानकारी, जन सहभागिता, अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समाजिक अंकेक्षण की रिपोर्ट, सभी विभाग वार सोसल आडिट की अन्य बहुत सी जानकारी के संबन्ध में विस्तार से जानकारी दी । उन्होंने कहा कि सरकार की समस्त योजनाओं का पारदर्शिता के साथ तीन स्तर पर कार्य एवं दस्तावेजों का भौतिकी परीक्षण करने के बाद ग्राम सभा में जनता के बीच रखा जाता है। समाजिक अंकेक्षण करने के पूर्व समुदाय से ही अध्यक्ष का चयन किया जाता है। उसी अध्यक्ष की अध्यक्षता में अब ग्राम सभा में गांव के लोग ही दस्तावेजों का समाजिक अंकेक्षण करते है। जो भी कमी होती है तो उसकी जवाबदेही सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायक या निर्माण एजेंसी की होती है कि उसकी जानकारी ग्राम वासियों को बताएंगे,उसका करवाई रजिस्टर में वी एस ए लिख कर प्रतिवेदन तैयार किया जाता है।
संभाग समन्वयक श्री प्रवीण पाठक जी ने कहा कि सभी नवांकुर समितियों को अपने-अपने सेक्टर में नर्सरी और 1 संस्कार केंद्र/ सूचना केंद्र की स्थापना करना है। साथ मे सभी ध्यान रखें कि आदर्श ग्राम की संकल्पना को साकार रूप प्रदान करने हेतु सशक्त योजना बनाकर , आदर्श ग्राम मे बैठक , भ्रमण मे निरंतरता लाएं जिससे ग्राम के बच्चों को महापुरूषों के संबन्ध में विस्तार से जानकारी मिल सके। साथ ही स्थानीय स्तर पर अपने अपने सेक्टर के गांवो को प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से स्वावलंबी बनाने का प्रयास करना है, हर गांव में एक स्थान ऐसा चयन करें जिसको हरा भरा बना सके, इसके लिये प्रस्फुटन वाटिका,नर्सरी तैयार करना है । जिसमें पौधारोपण कर सकते है। सभी नवांकुर संस्थाएं अपने अपने सेक्टर में शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि नवांकुर संस्थाएं 12 जनवरी को अपने अपने सेक्टर में 1 जन सूचना केंद्र/वाचनालय का शुभारंभ करेंगी इसकी तैयारी शुरू कर दें, पुस्तक के माध्यम से लोग ज्ञान प्राप्त कर सके इसके लिये वाचनालय का संचालन शुरू करना है साथ ही एक स्वावलंबन का केंद्र हमे खड़ा करना है। इस प्रकार का कार्य स्वावलंबन के तौर पर शुरू करना। सेक्टर में संचालित गोशालाओ में कार्यक्रम करना शुरू करे और 1 नवांकुर समिति 1 गोशाला को गोद ले और आदर्श गांव की परिकल्पना को साकार करें। क्योंकि किसी भी ग्राम के चौमुखी विकास में स्थानीय जन की सक्रिय भागीदारी होती है उसे बढ़ाने में नवांकुर संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है जो आपको उनके नैतिक जिम्मेदारी के रूप में करना चाहिए। श्री पाठक ने संस्थाओं को परियोजना प्रस्ताव, वार्षिक कार्ययोजना, गतिविधि कैलेंडर, बजट कर संबध में भी बिंदुवार पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी देते हुए परियोजना प्रस्ताव तैयार करने के संबध में प्रस्तुतीकरण दिया गया। परिषद के mis पोर्टल पर गतिविधि कैसे अपलोड की जाए,साथ की समय समय पर प्रविष्ट की जाने वाली जानकारी किस तरह फीड की जाए इस संबध में पीपीटी और सीधे पोर्टल में जानकारी भरने की जानकारी के सम्बद्ध में प्रस्तुतिकरण किया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में 13 स्वयंसेवी संस्थाओं के अतिरिक्त अन्य अतिथि, प्रशिक्षक एवं परिषद के संभाग, जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी भी सम्मिलित रहें।
कार्यक्रम का संचालन संजय पांडे जी ने किया। सत्रों का आभार संतोष त्रिपाठी द्वारा व्यक्त किया गया। भोजन एवं बैठक व्यवस्था मे जिला कार्यालय के लेखापाल श्री आकाश दुबे व कम्यूटर आपरेटर अभिलाषा यादव ने सहयोग किया।