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उमरिया । खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर 3.71 लाख किसानों से कुल 24.39 लाख मे. टन धान उपार्जन किया जा चुका है, जो कि इसी अवधि तक विगत वर्ष के उपार्जन की तुलना में 60 प्रतिशत अधिक है।
समर्थन मूल्य पर धान की अत्याधिक आवक होने के कारण उपार्जित धान में से 7.87 लाख मे.टन धान समिति स्तरीय उपार्जन केन्द्रों एवं 2.83 लाख मे. टन गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्रों पर गोदाम में भण्डारण/मिलर्स को प्रदाय किया जाना है। आगामी दिवसों में वर्षा की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए उपार्जन केन्द्रों पर उपलब्ध धान के सुरक्षित भण्डारण हेतु 30, 31 दिसम्बर, 2024 एवं 1 जनवरी, 2025 को (केवल तीन दिवस) समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन कार्य स्थगित किया गया है।
इस अवधि में धान विक्रय करने हेतु जिन किसानों द्वारा स्लॉट बुक किया गया है, उनके स्लॉट की वैधता अवधि 5 कार्य दिवस बढ़ाई जाती है एवं इसकी सूचना एस एम एस के माध्यम से किसानों को दी जा रही है। 2 जनवरी, 2025 से किसानों द्वारा नियमित रूप से धान का विक्रय उपार्जन केन्द्रों पर किया जा सकेगा। ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को समर्थन मूल्य पर धान विक्रय का अवसर देने हेतु उपार्जन की अंतिम दिनांक 20 जनवरी 2025 को बढ़ाकर 23 जनवरी 2025 तक की गई है।
समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान को असमायिक वर्षा से बचाव एवं सुरक्षित भण्डारण हेतु कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है जिसमे उपार्जन केन्द्रों पर भण्डारित धान का शीघ्रता से परिवहन कराकर मिलर्स को प्रदाय/गोदामों में भण्डारण कराया जाए। धान परिवहन हेतु अनुबंधित परिवहनकर्ताओं के माध्यम से अधिक से अधिक वाहन लगाए जाए एवं आवश्यक हो तो अन्य परिवहनकर्ता / वाहों को अधिग्रहण कर धान का परिवहन कराया जाए। उपार्जन केन्द्रों पर धान के वर्षा से बचाव हेतु समितियों के माध्यम से तिरपाल/इनेज की व्यवस्था कर धान को कवर किया जाए।गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्र पर खुले में भण्डारित धान को सहकारी समितियों के माध्यम से गोदाम में धान की स्टेकिंग कराई जाए।
मिलर्स द्वारा अनुबंधित धान की मात्रा का उठाव शीघ्रता से कराया जाए तथा अनुबंध न करने वाले मिलर्स से भी शीघ्रता से अनुबंध कराकर धान का उठाव कराया जाए। समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान असमायिक वर्षा सेकिसी भी दशा में भीग कर खराब न हो। भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफएक्यू मापदण्ड अनुसार धान का उपार्जन किया जाए जिसकी मॉनीटरिंग हेतु अन्य विभाग के अमले को भी लगाया जाए। समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों के शीघ्र भुगतान हेतु स्वीकृति पत्रक शीघ्रता से जारी कराए जाए। संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स द्वारा अपने स्तर पर भी मॉनीटरिंग कर उपार्जित धान को गोदामों में भण्डारण/मिलर्स को प्रदाय 1 जनवरी 2025 तककराना सुनिश्चित किया जाए।