भारत को बड़ा झटका- आर्चर शीतल देवी पेरिस पैरालंपिक-2024 से बाहर हो गई
पेरिस, 31 अगस्त। खेलों के महाकुंभ पेरिस ओलंपिक-2024 में दुनिया की पहली आर्मलेस यानि बिना हाथों वाली आर्चर शीतल देवी ने आर्चरी के रैंकिंग राउंड के दौरान 703 प्वॉइंट हासिल किए थे और वर्ल्ड रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया था। महज 17 साल की आर्चर शीतल देवी ने पैरालंपिक के डेब्यू मैच में इतिहास रचा था। लेकिन अब भारत को बड़ा झटका भी लगा है। आर्चर शीतल देवी एक करीबी मुकाबले में हारकर पेरिस पैरालंपिक 2024 से बाहर हो गई हैं। भारत अभी तक 5 मेडल जीत चुका है, इसमें एक गोल्ड मेडल भी शामिल है।
टोक्यो पैरालंपिक की सिल्वर मेडल विजेता मारियाना ने इस करीबी मुकाबले में शीतल देवी को 138-137 से हराया। दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। शुरुआती तीन राउंड के बाद दोनों ही खिलाड़ी बराबरी पर थीं। लेकिन चैथे राउंड में विजेता मारियाना ने 1 प्वॉइंट की बढ़त हासिल की। उन्होंने ये बढ़त पांचवें राउंड में भी बरकरार रखी, जिसके चलते शीतल देवी ने इस मुकाबले को 1 प्वॉइंट से गंवा दिया। शीतल देवी जम्मू कश्मीर की एक छोटे गांव किश्तवाड़ की रहने वाली हैं। वह फोकोमेलिया नाम की बीमारी से जन्मजात पीड़ित हैं। लेकिन उन्होंने अपने जीवन में कभी भी हार नहीं मानी। शीतल देवी कुर्सी पर बैठी हैं, अपने दाहिने पैर से धनुष उठाती हैं, फिर दाहिने कंधे से डोरी खींचती हैं और अपने जबड़े की ताकत से तीर छोड़ती हैं। उनकी इस कला को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। शीतल देवी बिना हाथों के प्रतिस्पर्धा करने वाली दुनिया की पहली और एकमात्र सक्रिय महिला तीरंदाज भी हैं।