महाविद्यालय में बाल विवाह परिचर्चा संपन्न

उमरिया। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय आर.व्ही.पी.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय उमरिया में उच्च षिक्षा विभाग के निर्देषानुसार डॉ. सी.बी. सोदिया, प्राचार्य की अध्यक्षता में बाल विवाह दुष्प्रभाव एवं विधिक परिणामों से विद्यार्थियों को जगरूक करने हेतु महाविद्यालय में बाल विवाह प्रतिषेध से संबंधी परिचर्चा और गोष्ठी का आयोजन किया गया। बाल विवाह से समाज में उत्पन्न होने वाले दुष्प्रभाव पर सामूहिक विचार विमर्ष एवं जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के खिलाफ बने मजबूत कानून का सख्ती से पालन करने व इससे संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही छात्र-छात्राओं को शिक्षा से रूबरू करने की आवश्यकता पर भी ध्यानाकृष्ट कराया गया। इसके अतिरिक्त वर्तमान कानूनों का कड़ाई से क्रियान्वयन कड़े दंड के साथ कानून में संशोधन, आवश्यक रिपोर्टिंग और अधिकारियों के उत्तरदायित्व आदि विषयों पर चर्चा-परिचर्चा भी किया गया।
बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के विषय में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सी.बी. सोदिया ने कहा कि यदि बच्चे-बच्चियां अपनी शिक्षा जारी रखते हैं तो कहीं न कहीं बाल विवाह रोकने में बहुत मदद होगी। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरविंद शाह बरकड़े ने कहा कि निशुल्क शिक्षा के लिए उम्र सीमा को 18 वर्ष करके बच्चों और विशेषकर लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करें। हमारा लक्ष्य सन 2030 तक समाज से बाल विवाह को पूर्णतया समाप्त कर भारत को बाल विवाह मुक्त देश बनाना है।महाविद्यालय के डॉ. विमला मरावी, ऋषिराज पुरवार, डॉ. रमेष प्रसाद कोल, डॉ. देवेष कुमार, श्री राजेन्द्र प्रसाद पटेल ने भी बाल विवाह पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बाल विवाह के खिलाफ अपनी भागीदारी को दर्शाया तथा इस सामाजिक बुराई को खत्म करने हेतु शपथ ली गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त स्टॉफ मौजूद रहा।