बाल विवाह की रोकथाम के लिए युवाओं ने ग्राम पंचायत मुदारिया में निकाली जागरूकता रैली

उमरिया – जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक ष्हम होंगे कामयाबष् पखवाड़ा विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन के निर्देशानुसार अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन आंगनवाड़ी केद्रों, स्कूल, कॉलेज, ब्लॉक और जिला स्तर पर जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में युवा टीम उमरिया द्वारा ग्राम पंचायत मुदारिय में बाल विवाह रोकथाम जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।इस अवसर पर बाल विवाह निषेध अधिनियम और इन कानूनों के बारे में जानकारी दी गई।
टीम लीडर हिमांशु तिवारी ने सभी को बाल विवाह मुक्त भारत के लिए प्रतिज्ञा भी दिलाई।उन्होंने ने जेंडर आधारित अपराधों जैसे घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, छेड़छाड़, बलात्कार आदि के संबंध में जानकारी दी गई और उनसे बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। सभी को हेल्पलाइन नंबर 100 डायल, 1090, 1098, 181 आदि की उपयोगिता के बारे में बताया गया तथा अभियान से संबंधित जानकारी देकर जेंडर आधारित हिंसा के संबंध में चर्चा कर उन्हे जागरूक किया गया। 18 साल के पहले लड़की और 21 साल से पहले लड़के की शादी करना गैरकानूनी है। बाल विवाह अधिनियम 2006 के अनुसार जो बच्चों की उम्र से पहले विवाह के लिए मजबूर करते हैं, वे सजा के पात्र है।बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणाम के बारे में बताया।
खुशी सेन ने बताया कि बाल विवाह को जड़ से मिटाने के लिए शिक्षा जरुरी है सभी बच्चे पढ़ाई करें और अपने माता पिता को यह बताए कि कम उम्र में विवाह नहीं करना है. यह कानून अपराध है तभी हम सभी बाल विवाह से मुक्त हो पाएंगे।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य धर्मेंद्र नाथ शर्मा,शिक्षक संदीप बुनकर,प्रवीण चौराइया,आर.के सोनी,ध्रुव सिंह,एस के पटेल ,वालंटियर हिमांशु तिवारी,खुशी सेन,वर्षा बर्मन,सुलेखा राठौर,अंजना केवट,संजना केवट, एवं छात्राएं उपस्थित थी।