जबलपुर के 8 निजी स्कूलों को 54 करोड़ 26 लाख रुपए अभिभावकों को लौटाने का आदेश – कलेक्टर दीपक सक्सेना

जबलपुर, 5 सितंबर। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मुहिम में आज एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इस क्रम में आठ प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए, कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा गठित जिला स्तरीय समिति ने 8 प्राइवेट स्कूलों को 54 करोड़ 26 लाख रुपए अवैध रूप से वसूली गई फीस अभिभावकों को वापस करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सभी 8 स्कूलों पर 2.2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
उक्त आदेश जारी करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि इन सभी निजी स्कूलों को 30 दिनों के भीतर यह राशि सीधे अभिभावकों के खातों में जमा करनी होगी। जांच में पाया गया कि 74,369 छात्रों से यह अतिरिक्त फीस वसूली गई थी। इससे पहले भी जिला प्रशासन ने 11 स्कूलों को 81 करोड़ रुपए की फीस लौटाने का निर्देश दिया था, लेकिन सभी स्कूल इस मामले को हाई कोर्ट तक ले गए थे।
उक्त कार्रवाई मध्यप्रदेश निजी स्कूल, फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन, अधिनियम 2017 के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की जांच के बाद की गई। जिन आठ स्कूलों पर कार्रवाई की गईए उनमें माउंट लिट्रा जी स्कूल, विज्डम वैली स्कूल, शास्त्री नगर और कटंगा, स्प्रिंग डे स्कूल अधारतालए अजय सत्य प्रकाश स्कूल पनागर, सत्य प्रकाश स्कूल पोलीपाथर, क्राइस्ट चर्च गर्ल्स स्कूल, सेंट एलॉयसिस स्कूल पनागर और सेंट जोसेफ स्कूल टीएफआरआई शामिल हैं।
गौरतलब है कि कलेक्टर दीपक सक्सेना ने सख्त निर्देश दिया कि जितनी जल्दी हो सके, बढ़ी हुई फीस पेरेंट्स को वापस की जाए। यदि आदेश का पालन समय पर नहीं किया गया, तो आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच में पाया गया कि सबसे ज्यादा वसूली सत्य प्रकाश स्कूल पोलीपाथर द्वारा की गई, जिसमें 14 करोड़ 25 लाख रुपए अतिरिक्त वसूले गए थे। 2018 में लागू किए गए मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन अधिनियम 2017 के तहत यह कार्रवाई की गई। हालांकि यह अधिनियम 6 साल तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। 27 मई को जबलपुर कलेक्टर ने इसी कानून का सहारा लेते हुए 11 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की और एफआईआर दर्ज की गई।