लाकडाऊन में महिला की मौत?, मामला गंभीर है

*धार्मिक नगरी में महिला की मौत पर सवाल*

हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश में नरसिंहपुर जिले के सबसे धार्मिक स्थल मां नर्मदा घाट बरमान की जहां एक चर्चा जोरों पर है कि आखिर उस महिला की मौत क्या भूख की वजह से हुई?

अब आप सोच रहे होंगे कौन सी महिला, तो सुनिए धार्मिक नगरी बरमान कला में नर्मदा तट टीन शेड पर दर्जनों ऐसे लोग जीवन यापन कर रहे हैं जिनका अपना खुद का आशियाना नहीं है ऐसे लोगों को समाजसेवी जनप्रतिनिधि या प्रशासन द्वारा भोजन की व्यवस्था की जाती है और ऐसे लोग वहां जीवन जी रहे हैं कि कोई अगर गंभीर बीमारी से वहां, बिना उचित इलाज के, मौत के मुंह में चला जाता है तो जिम्मेदार कोई नहीं होगा?

इनमें से एक महिला जोकि नर्मदा किनारे टीन शेड पर रहती है अचानक उसकी मौत हो जाती है और उसकी मौत पर सवाल खड़े हो जाते हैं। सवाल सबसे पहले बरमान कलां के समाजसेवी जनप्रतिनिधि मनमोहन साहू करते हैं महिला की मौत पर उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए और कहीं ना कहीं उनका इशारा महिला को उचित भोजन ना मिल पाना एवं देखभाल ना होना उसकी मौत का कारण बनी।

मनमोहन साहू का कहना है कि हमारी बजरंग समिति द्वारा बेसहारा लोगों को लाॅकडाउन के दौरान भोजन उपलब्ध कराया जाता था लेकिन कुछ लोगों की शिकायत पर हमारा जनहित का काम बंद हो गया जिस महिला की मौत हुई थी उसे वह अच्छी तरह जानते हैं और कहते हैं कि महिला को जब हम भोजन कराते थे तब उसका स्वास्थ्य ठीक था। अचानक महिला की मौत पर उन्होंने सवाल खड़े किए हैं।

अब यहां पर बरमान बड़ा मंदिर से संत रामदास त्यागी जी महाराज ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर कहा है कि नर्मदा घाट बरमान कला में एक महिला की मौत को मनमोहन साहू द्वारा भूख एवं प्यास से होना बताया है जो कि एक अफवाह है। महाराज ने कहा है कि उक्त महिला मनमोहन साहू के संरक्षण में थी फिर उसकी संदेहास्पद मौत क्यों हुई एवं प्रशासन को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई। महिला का पोस्टमार्टम नहीं किया गया इसमें कहीं ना कहीं पंचायत की कार्यकारिणी भी सवालों में आती है?

इस बात की जांच हेतु करेली तहसील से नायब तहसीलदार मैडम नर्मदा घाट , बरमान कलां पहुंचीं और पंचनामा तैयार कर जांच की गई।

अभी तक मीडिया में, अधिकारीयों द्वारा कोई ठोस बयान नहीं आया है कि यह स्पष्ट हो सके कि महिला की मौत भूख से नहीं हुई।
वही बरमान कला सचिव द्वारा कहा गया कि महिला की मौत भूख से नही हुई वो टीवी की मरीज थी।

वही मनमोहन साहू का कहना है कि भूख से मौत हुई है कि नहीं हुई इसका फैसला डाँक्टर करेंगे, वही राम दास त्यागी जी महाराज द्वारा जिला कलेक्टर से महिला की मौत भूख से हुई है का खंडन करने और मनमोहन साहू पर अफवाह फैलाने पर कार्रवाई की मांग की है अब देखना है कि कब तक कार्रवाई हो पाती है