विश्व थैलेसीमिया दिवस पर शा.महाविद्यालय पाली में लगाया गया रक्तदान शिविर

उमरिया। विश्व थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. मुकुल तिवारी के मार्गदर्शन पर शा. महाविद्यालय पाली एवं युवा टीम उमरिया के संयुक्त प्रयास से महाविद्यालय परिसर में इस वर्ष की थीम मानवता के पक्ष में के तहत रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर का शुभारंभ पाली महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आर.के झा के द्वारा किया गया।
प्राचार्य डॉ. आर.के झा ने कहां की रक्तदान सबसे बड़ा दान माना जाता है क्योंकि इससे आप किसी दूसरे व्यक्ति की जिंदगी बचा सकते हैं कई बार तो वह रक्तदान आपके किसी अपने के भी काम आ जाता है इसलिए हर किसी स्वस्थ युवा को रक्तदान करना चाहिए ।यह एक ऐसा दान है, जिसके लिए आर्थिक रूप से मजबूत होने की जरूरत नहीं।हमें अपने जीवन में रक्तदान अवश्य करना चाहिए। रक्त का विकल्प केवल मनुष्य ही है। हमारे द्वारा दिए रक्तदान से हम किसी को भी जीवनदान दे सकते हैं।
रक्तवीर हिमांशु तिवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि लोगों में यह भ्रम है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है लेकिन सच्चाई या है कि रक्तदान के कारण कोई कमजोरी नहीं आती रक्तदान के 56 दिन बाद वह फिर से रक्तदान करने के काबिल हो जाते हैं इससे जरूरतमंद को मदद मिलती है साथ ही शरीर में भी नया खून बनने से वह स्वस्थ रहता है।कभी भी डिलीवरी, थैलिसीमिया, दुर्घटना या बीमारी का शिकार कोई भी हो सकता है।रक्तदान के महत्व को बताते हुए कहा कि, ष्रक्तदान ही महादान है, क्योंकि इसका निर्माण केवल मानव शरीर में ही हो सकता है। रक्तदान के दौरान लैब टेक्नीशियन वीरेंद्र शर्मा, विनीत साहू, अंजलि दर्द्वंशी, महाविद्यालय प्राचार्य डॉ आर.के झा, डॉ जीपीएस चौहान,डॉ मंसूर अली, रक्तबीर हिमांशु तिवारी,शिखा बर्मन, मुस्कान महोबिया ,संजीवनी पटेल, लक्ष्मी महोबिया, वैष्णवी बर्मन, अतिव्य रजक, रुद्र प्रधान ,शुभम पटेल, श्रेयांश गौतम एवं सभी शामिल रहे। रक्तदान शिविर के समापन में सभी रक्त वीरों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।