बोरी बंधान होने से वाटर लेबल बढ़ेगा, साथ ही पेयजल संकट से मिलेगी मुक्ति

उमरिया । प्रदेश शासन के आव्हान पर जल गंगा संवर्धन अभियान के साथ साथ उमरिया जिले में भी अपनी मिट्टी अपना जल को संरक्षित करने हेतु जन सहयोग के माध्यम से बोरी बंधान के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। बोरी बंधान जल संवर्धन के लिए एक अच्छा प्रयास है। बोरी बंधान हो जाने पर वाटर लेबल बढ़ेगा इसके साथ ही पेयजल संकट से भी मुक्ति मिलेगी । पानी को सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है। पेयजल का उपयोग पशु , पक्षी के साथ ही ग्रामीण जन निस्तार में उपयोग कर सकेगे।

जल की एक -एक बूंद को सहेजने ग्राम पंचायतों में अपनी मिट्टी अपना जल आयोजित किया जाएगा । ब्लॉक में हर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थलों का चयन कर बोरी बंधान के लिए चिन्हित किये गये है. प्रदेश सरकार व्दारा चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान,जन अभियान बनता जा रहा है, जिसमें सभी वर्ग के लोग अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जल को संरक्षित करनें का कार्य कर रहे है । अभियान के तहत नदी, नालो, तालाबो, पोखर, बावडियो , कुओ की साफ सफाई तथा जीर्णाेध्दार के कार्य किए जा रहे है , इसके साथ ही अमृत सरोवर, खेत तालाब का भी निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत प्रतिदिन ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जो अनवरत 30 जून तक चलता रहेगा ।