चित्रकला के उत्पाद तैयार कर अच्छा मार्केट मिलने से बेहद खुश है साक्षी स्व-सहायता समूह की महिलाएं

उमरिया, 16 जनवरी। महिलाएं अपनी हिम्मत और मेहनत के लिए पहचानी जाती हैं, महिला यदि ठान लें तो क्या कुछ नहीं कर सकती। इसी हिम्मत और परिश्रम का उदाहरण है साक्षी स्व-सहायता समूह ग्राम लोढ़ा जिला उमरिया की महिलाएं । साक्षी स्व-सहायता समूह बैगा चित्रकला के काम से जानी जाती है, इसी लगन और मेहनत से अभी तक समूह ने 2 लाख रूपये तक की आय अर्जित कर अपने समूह का नाम कमाया है। समूह की महिलाएं शहडोल कॉन्क्लेव में आकर बेहद खुश हैं। वे कहती है यहाँ लोगो ने उत्पाद खरीदे और सराहा, इससे हमारा मनोबल और उत्साह दुगना हुआ है।
साक्षी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने हैदराबाद, पुणे, भोपाल हॉट और डी.बी. मॉल भोपाल जैसी जगह में जाकर अपनी चित्रकला उत्पाद की बिक्री कर रही है। समूह की महिलाएं अपनी चित्रकला के उत्पाद तैयार कर अच्छा मार्केट मिलने से बेहद खुश है। अब तक इन समूह की महिलाओं ने चित्रकला उत्पाद से 2 लाख तक की आय अर्जित की है। समूह में 50 महिलाएं काम कर रहीं हैं।
समूह की अध्यक्ष शंखी काछी बताती है हमें प्रशिक्षण के बाद नाबार्ड की ओर से सहायता मिली, प्रशिक्षण भी नाबार्ड ने दिलाया था। वे बताती हैं बैगा पेंटिंग का काम कर वे सभी बहने संतुष्ट हैं, वजह चित्रकला उत्पाद आसानी से बिक रहे हैं। उनका कहना हैं, हम सभी बहिनें 12 माह यह काम कर रहे हैं। बाहर मेलों में जाते हैं, सारा उत्पाद बिक जाता है। सरकार की मदद से हमें अच्छा मार्केट मिल जाता है। यह आय परिवार के पालन पोषण में काम आ रही है, बच्चों की पढ़ाई लिखाई में काम आ रही है। वे कहती हैं हम समूह की महिलाएं खुश और संतुष्ट हैं।