प्रशासन के धान उठाव व परिवहन के इंतजाम हुए फेल- भारतीय किसान संघ ने की मांग

जबलपुर, 25 दिसंबर। धान खरीदी केंद्रों में धान का उठाव व परिवहन न होने के कारण किसानों का भुगतान अटक गया है। जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामदास पटेल ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जिन किसानों की धान उपार्जित की जा चुकी है उन्हें तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। श्री पटेल ने कहा कि आगामी तीन दिनों में भुगतान की प्रक्रिया में तेजी नहीं आने पर भारतीय किसान संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। किसान संघ ने प्रशासन से आग्रह किया कि जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी ऑफिसों के बजाय खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर धान उठाव, परिवहन व भुगतान की मॉनिटरिंग करें तो किसानों को समस्याओं से निजात मिल सकेगी।
*वेयरहाउस की क्षमता से अधिक खरीदी क्यों*
सिंगोद के मैना वेयरहाउस में बने धान खरीदी केंद्र में वेयरहाउस की क्षमता वाईस हजार क्विंटल है। लेकिन आज दिनांक तक वहां पैंतीस हजार क्विंटल की खरीदी हो चुकी है। शेष धान वेयर हाउस के बाहर पड़ी है। किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामदास पटेल ने बताया कि जब पता है कि वेयरहाउस की क्षमता पूरी हो चुकी है तो अन्य वेयर हाउस की मैपिंग किए बिना धान खरीदी के स्लॉट बुक किए जाकर खरीदी क्यों जारी है। किसान संघ की आपत्ति के बाद मैना वेयरहाउस के आगे की स्लॉट बुकिंग बंद कर दी गई है।
*हम्माली का पैसा लिया जा रहा किसानों से*
छेड़ी बरोदा के किसान मोहन तिवारी ने बताया कि कई धान खरीदी केंद्रों में  प्रति क्विंटल पच्चीस रुपए हम्माली का पैसा किसानों से बसूला जा रहा है। जबकि हम्माली के साथ साथ सिलाई व तुलाई का पैसा भी शासन द्वारा ही दिया जाता है। श्री तिवारी ने मांग की कि हम्माली का पैसा लेना किसान से बंद होना चाहिए।
*पहले धान उठाव कराकर भुगतान करें*
किसानों का कहना है कि प्रशासन वेयरहाउसों में बने खरीदी केंद्रों में सबसे पहले धान उठाव की प्रक्रिया में तेजी लाए। उनकी मांग है कि वेयरहाउस में धान को अंदर कराकर किसानों को भुगतान किया जाए। किसान संघ ने सुझाव दिया कि शनिवार व रविवार को खरीदी बंद रहती है तो इन दिनों में सिर्फ धान का उठाव व परिवहन ही किया जाए। जिससे खरीदी केंद्र में खरीदी सुचारू रूप से चलते हुए आदर्श व्यवस्था बनी रहे।