विक्टोरिया अस्पताल में दलाल गिरोह सक्रिय

जबलपुर, 8 अप्रैल। जिला चिकित्सालय विक्टोरिया अर्थव्यवस्थाओं के लिए बदनाम है। कोई ना कोई भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला उजागर होता रहता है मध्य प्रदेश शासन के द्वारा करोड़ों रुपया अस्पताल को प्राप्त होता है की जबलपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र से आए हुए गंभीर बीमारी के मरीजों को मुफ्त में अच्छा इलाज दिया जा सके। विक्टोरिया हॉस्पिटल का संचालन करने वाले अधिकारियों को दलालों के द्वारा किए जाने वाला भ्रष्टाचार नहीं दिखता, कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज अस्पताल इस उम्मीद से आते हैं की सरकारी अस्पताल में मुफ्त में अच्छा इलाज मिल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं होता विक्टोरिया अस्पताल परिसर में दलाल गिरोह सक्रिय है। दो वर्षों से निशुल्क सेवा के नाम से जिला चिकित्सालय अस्पताल में कार्यरत है पैसे से ड्राइवर है जो रोज सुबह विक्टोरिया अस्पताल पहुंचकर मरीज से इलाज के नाम पर पैसा ऐठता है। आयुष्मान कार्ड, मेडिकल बोर्ड का विकलांग प्रमाण पत्र खून जांच के नाम पर मरीज से पैसा लेता है। हैरानी की बात है कि सीएमओ व आरएमओ जी पूरी जानकारी होने के बावजूद भी अनिल रजक पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी संजय मिश्रा से जानकारी लेने पर उनके द्वारा कहा गया कि आप कहते हैं तो मैं उसे अलग कर दूंगा लेकिन मेरे नॉलेज में नहीं है कि अनिल रजक नाम का कोई व्यक्ति कार्य कर रहा है।