शहरवासियों ने कर्फ्यू का पालन कर संस्कारधानी की गरिमा कायम रखी
जबलपुर, 3 अप्रैल। धर्मगुरूओं और समाज के प्रमुखों की कलेक्ट्रेट में आज आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए संभागायुक्त रवीन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि कर्फ्यू में सभी का सहयोग मिल रहा है। इसी तरह आगे भी सहयोग मिला तो जबलपुर कोरोना से मुक्त हो जाएगा। इसके लिए सभी को संयम का परिचय देना होगा। प्रधानमंत्री ने यह आह्वान किया है कि रविवार 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए सभी अपने घर, आंगन, छत में जाकर रोशनी करें। यह सभी को नियंत्रण में रहकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू में जनता की सुविधा का सभी तरह से ध्यान रखा जा रहा है। किराना, दवा, सब्जी सहित आवश्यक वस्तुओं की सेवाएं जारी हैं लेकिन यह सुविधा लेते समय जनता को भी ध्यान रखना होगा कि वे सोशल डिस्टेंस का पालन करें और एक–दूसरे से एक मीटर दूर रहें। किसी भी प्रकार की परेशानी के लिए एकीकृत कोरोना कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0761-2637000 सहित दूरभाष नंबर 0761-2637501 से 0761-2637515 पर भी संपर्क किया जा सकता है । इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 104 एवं 181 से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है ।
अभी प्रतिदिन प्रशासन द्वारा 20 हजार और निजी संगठनों द्वारा शहर के अलग–अलग क्षेत्रों में लगभग 20 हजार गरीबों को प्रतिदिन भोजन वितरित कराया जा रहा है। यह व्यवस्था जारी रहेगी इसके लिए किसी भी प्रकार से अनाज की कोई कमी नहीं है। कुछ क्षेत्रों में युवा वर्ग घरों से बाहर निकल रहा है उन्हें यह बंद करना होगा। कोरोना से लड़ने के लिए हम सभी को नियमों का पालन करना होगा। नवरात्रि और जुमा में पहले जो भीड़ देखने मिलती थी वह इस दौरान देखने नहीं मिली। इसके लिए सभी ने संयम का परिचय दिया। सभी ने धर्मगुरुओं की अपील मानी है। लेकिन आगे भी सभी को संजीदा रहना होगा। हमारी जरा सी गलती आने वाली पीढ़ी के लिए परेशानी बढ़ाएगी और आत्मघाती साबित होगी । लोग सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रमों में नहीं जा रहे हैं यह अच्छी बात है। शहर में बाहर से आएं हैं और बीमार हैं तो प्रशासन को खबर दें, उनकी जांच की जाएगी। उनका इलाज भी सरकार द्वारा कराया जा रहा है। जानकारी देने पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। 14 अप्रैल तक सभी को लॉकडाउन का पालन करना होगा। आगे के लिए सरकार से जो भी आदेश आएंगे वह जनता तक पहुंचाया जाएगा। जैसे लोगों ने नवरात्रि पर 9 दिनों तक व्रत रखा वैसे ही 14 अप्रैल तक संकल्प लेकर घरों पर सुरक्षित रहें।
जगद्गुरु डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य–
जगद्गुरु डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य महाराज ने कहा कि कोरोना महामारी पर शहर में जितनी तेजी से नियंत्रण किया गया उसके लिए प्रशासन और डॉक्टरों का धन्यवाद। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे लोग भी हैं जो अपने हिसाब से काम करते हैं। जो अपनों से तो नहीं समझते लेकिन कोई समझाए तो समझ जाते हैं। कोरोना से लड़ने के लिए ज्यादातर लोगों ने प्रधानमंत्री की बात को माना है। लेकिन कोई नहीं मानता है तो पुलिस उसे समझाती है, जो सही है। धर्माचार्यों ने प्रधानमंत्री के निवेदन पर जनता कर्फ्यू का पालन किया और रविवार के लिए किए गए आह्वान का भी पालन करेगी। महाराजश्री ने कहा जो संक्रमित होकर बाहर से आए उनकी गलती से यह स्थिति बनी है। इसे रोकने के लिए सभी को निर्देशों का पालन करना चाहिए। इंदौर में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ जो घटना हुई वह निंदनीय है। जिन्होंने यह कृत्य किया वो क्षमा के पात्र नहीं हैं। डॉक्टर के पास जाओ तो फीस देना पड़ती है लेकिन कोई बीमार न हो इसके लिए सरकार उनके पास तक डॉक्टर भेज रही है। ऐसे में डॉक्टरों से मारपीट करने वाले हमलावरों को पहचानकर कार्रवाई होना चाहिए। ऐसे लोग देश, समाज और इंसानियत के दुश्मन हैं। हमें किसी को आश्रय देकर बचाना नहीं है बल्कि सरकार का सहयोग करना है।
मौलाना सैय्यद बरकात अहमद कौसर रब्बानी–
मौलाना सैय्यद बरकात अहमद कौसर रब्बानी ने बैठक में कहा कि प्रशासन द्वारा जो भी किया जा रहा है वह सराहनीय है। जिन लोगों ने आपदाएं नहीं देखी हैं वो ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। उनके लिए यह संदेश है कि यह वक्त हमारी इम्तहान का है। जिस तरह हमने जनता कर्फ्यू का पालन किया है वह विश्व के लिए मिसाल है। अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो वह किसी न किसी की गलती से होता है। इसलिए सतर्कता बरतें। सभी लोग अच्छे हो जाएं हम इसके लिए दुआ करते हैं। देश का वातावरण अच्छा है इसमें कोई संदेह नहीं है। वायरस को रोकने में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ ही संस्कारधानी वासियों को भी बधाई जिससे शहर का माहौल स्वच्छ है। प्रशासन जो कर रही है उसमें सभी साथ दें। उन्होंने कहा कि यह ऐसा वक्त है जिसमें सभी को धर्म से अलग होकर मानव कल्याण के लिए काम करना है। इसे मिसाल बनाना है। यह बीमारी दूर हो ऐसी हम दुआ करते हैं।