प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून लागू करने, भाजपा ने सौंपा ज्ञापन
भोपाल, 17 दिसंबर। प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को तत्काल लागू किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के हर जिले में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया और ज्ञापन भी सौंपा। राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराजसिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव एवं विधानसभा में मुख्य सचेतक डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, विधायकों एवं अन्य नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने रोशनपुरा चौराहे से राजभवन तक पैदल मार्च किया और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून शीघ्र लागू किए जाने की मांग की।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हुए धार्मिक प्रताडना के शिकार हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई ऐसे सभी लोग जो अखण्ड भारत का हिस्सा रहे है। जिनके साथ ज्यादती, जुल्म, बर्बरता, परिवार के पुरूषों की हत्या, महिलाओं के साथ बलात्कार हुए, धर्म परिवर्तन के लिए बाधित किया गया। यह सभी लोग जो भारत में आए और शरणार्थियों का जीवन व्यतीत कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार करते है जो इन सभी लोगों को देश में नागरिकता प्रदान करने के लिए कानून पास किया। इस पर भी वोट बैंक की राजनीति शुरू हो गयी है। जहां भी कांग्रेस और विपक्षी दलों की सरकारें है उन्होंने मुस्लिमों को भडकाना शुरू कर दिया। इस कानून में कोई भी बात मुस्लिमों के खिलाफ नहीं है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि इस कानून को लागू नहीं करेंगे। देश में संघीय ढांचा है, जो संवैधानिक पद पर बैठे है ऐसा कहकर संवैधानिक मर्यादाओं को ध्वस्त करने की कोशिश कर रहे है। नागरिकता का अधिकार सीधे केन्द्र सरकार का होता है। देश की लोकतांत्रिक पद्धति के अनुसार नागरिकता संशोधन कानून संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ है। देश की संसद को अधिकार है कानून बनाने का। बहुमत के आधार पर वोटिंग के जरिए, संविधान संशोधन करके यह कानून बना है। जब भी कानून बनता है तो उसका पालन करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री हो या सामान्य नागरिक सबकी होती है। अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन उनको करना चाहिए। कमलनाथ जी संवैधानिक पद पर बैठकर आधारहीन बातें करके समाज में तनाव और अराजकता पैदा करने से बाज आए। इसलिए आज हम राज्यपाल महोदय के पास ज्ञापन के माध्यम से निवेदन करने आए है कि वे शीघ्र अतिशीघ्र नागरिकता संशोधन कानून मध्यप्रदेश में प्रभावी करने के लिए मुख्यमंत्री को निर्देशित करें।