शपथ ग्रहण समारोह : पाक को छोड़ बाकी सभी को बुलाया…!

नई दिल्ली, 28 May  —   नरेन्द्र मोदी 30 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे और इस समारोह में शामिल होने के लिए सरकार ने बिम्सटेक समूह के नेताओं को आमंत्रित किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बिम्सटेक देश के नेताओं को आमंत्रण सरकार की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत दिया गया है। लेकिन पाकिस्तान को न्यौता नहीं दिया गया है। यह मोदी की बहुत बड़ी कूटनीतिक सख्त संदेश पाकिस्तान को दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस तरह से पाकिस्तान को अपने शपथ ग्रहण समारोह से दूर रखा है कि पड़ोसी देश को संदेश भी मिल जाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह भी न लगे कि भारत इस पड़ोसी देश को अलग-थलग करना चाहता है। इसीलिए बहुत सोच समझकर BIMSTEC देशों को न्योता भेजकर ‘डिप्लोमैटिकली करेक्ट’ कदम उठाया गया। पाकिस्तान को छोड़कर बाकी सार्क देशों को बुलाए जाने से बेहतर BIMSTEC का विकल्प था। पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान और मालदीव को भी न्योता नहीं भेजा गया है, जो SAARC के सदस्य हैं।
लेकिन दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी अपने पहले विदेश दौरे में मालदीव ही जाने वाले हैं। रही बात अफगानिस्तान की तो उससे भारत के रिश्ते पहले से ही काफी प्रगाढ़ है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि शंघाई सहयोग संगठन :एससीओ: के वर्तमान अध्यक्ष एवं किर्गिस्तान के राष्ट्रपति तथा मारीशस के प्रधानमंत्री को भी शपथ ग्रहण समारोह के लिये आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया, ‘‘ शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिये सरकार ने बिम्सटेक समूह के नेताओं को आमंत्रित किया है।’’
मारीशस के प्रधानमंत्री इस वर्ष प्रवासी भारतीय दिवस पर मुख्य अतिथि थे । राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 30 मई को शाम 7 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायेंगे। गौरतलब है कि मोदी भाजपा के ऐसे पहले नेता हैं जिन्हें प्रधानमंत्री के रूप में पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार इस शीर्ष पद के लिए चुना गया है।