शर्तों के साथ जिद्द पर राहुल! होगी नाथ और गहलोत की छुट्टी…?
28 May — लोकसभा चुनावों में भाजपा को मिली भारी बहुमत के बाद विपक्षी दल सन्न मन्न हैं। बैठक, चिंतन मंथन का दौर जारी है। इसमें सबसे ज्यादा खलबली कांग्रेस में मची हुई है। राहुल गांधी ने हार की जिम्मेवारी लेते हुए इस्तीफे पर अड़े हैं। कांग्रेस में उनका मान मनौव्वल चल रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला यहां तक कह दिए हैं कि राहुल अध्यक्ष बने रहें और पार्टी को जैसा चाहे वैसा चलाएं। जिसको चाहे वह हटाएं जिसको चाहें वह रखें।
राहुल के निशाने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं। जहां पर कांग्रेस की सरकार होते हुए भी कांग्रेस की सफाया हो गया है। वैसे राहुल न तो कमलनाथ को और न ही अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में थे। उनकी पसंद मध्यप्रदेश में ज्योतिरादत्त सिंधिया और राजस्थान में सचिन पायलट थे इसके बावजूद उनकी नहीं चली थी। हारने के बाद सबसे पहले उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं चिदंबरम, कमलनाथ और अशोक गहलोत पर पुत्रमोह का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है। अब सवाल उठता है कि क्या राहुल यदि मान मनौव्वल से मान जाते हैं तो क्या वह मध्यप्रदेश की कमान ज्योतिरादत्त सिंधियां और राजस्थान में सचिन पायलट को पूरी तरह से देंगे।
मंगलवार की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के एक बड़े नेता से कहा है कि आप एक महीना ले लीजिए, लेकिन मेरा विकल्प ढूंढ लीजिए। उन्होंने कहा है कि मैं पद छोड़ने के लिए मन बना चुका हूं। राहुल ने कहा है कि प्रियंका गांधी को इन सभी से दूर रखना चाहिए, किसी भी हालत में मेरी जगह अध्यक्ष नहीं बनेंगी। राहुल गांधी ने कहा है कि मैं लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व करने को तैयार हूं। उन्होंने कहा है कि किसी अन्य भूमिका में भी मैं काम कर सकता हूं, पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करता रहूंगा। लेकिन अध्यक्ष नहीं रहूंगा।
फिलहाल पिछले 5 दिनों से कांग्रेस पार्टी में बवंडर मचा हुआ है। राहुल गांधी कांग्रेस का अध्यक्ष पद छोड़ने पर अड़ गए हैं तो वहीं उनको मनाने के लिए पार्टी नेता एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। मंगलवार सुबह भी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, नेता रणदीप सुरजेवाला उनसे मिलने पहुंचे। इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि राहुल गांधी से कहा गया है कि अभी पार्टी को नए विकल्प नहीं मिल रहे हैं
राहुल को कहा गया है कि आप पार्टी में जो मर्जी बदलाव करें, जैसे चाहे पार्टी चलाएं। जिसके बाद अब राहुल नरमी के संकेत दे सकते हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि कार्यप्रणाली में कुछ शर्तों के साथ राहुल अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, प्रियंका गांधी की कई दौर की बैठक के बाद इस बात पर सहमति बनी है। मंगलवार को राहुल से मिलने उनके घर पहुंचने वालों में प्रियंका गांधी, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट जैसे बड़े नेता शामिल हैं।