न्यायालय ने मीडिया में कर्मचारियों की छंटनी, वेतन में कटौती के मामले में केन्द्र से मांगा जवाब
नई दिल्ली, 28 अप्रैल। उच्चतम न्यायालय ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान कुछ मीडिया संगठनों द्वारा पत्रकारों सहित कर्मचारियों के साथ ‘अमानवीय और गैरकानूनी’ व्यवहार किये जाने के आरोपों पर केन्द्र से अगले सोमवार को जवाब मांगा है। पत्रकारों के संगठनों का आरोप है कि इन मीडिया संस्थानों ने कोविड-19 की वजह से लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को नौकरी से हटाने, वेतन में कटौती करने और उन्हें बिना वेतन के छुट्टी पर जाने के नोटिस दिये हैं।
पीटीआई (भाषा) की खबर के मुताबिक न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने पत्रकारों के तीन संगठनों की याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान केन्द्र, इंडियन न्यूजपेपर्स सोसायटी, द न्यूज ब्राडकास्टर्स एसोसिएशन को नोटिस जारी किये हैं और पीठ ने इस मामले को दो सप्ताह बाद आगे सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया है।