मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में सुपर मेगा प्रोजेक्ट के अन्तर्गत केयान डिस्टिलरी प्लाण्ट का किया लोकार्पण
लखनऊ, 07 अप्रैल। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में सुपर मेगा प्रोजेक्ट के अन्तर्गत केयान डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड के प्लाण्ट का लोकार्पण किया। 1,200 करोड़ रुपये निवेश का यह प्रोजेक्ट 30 एकड़ क्षेत्रफल में विस्तृत तथा अनाज आधारित है। उन्होंने नवनिर्मित प्लाण्ट का निरीक्षण भी किया।
योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को रामनवमी की बधाई देते हुए कहा कि गोरखपुर में एक नया उद्योग केयान डिस्टिलरी प्लाण्ट के रूप में आज यहां लोकार्पित हो रहा है। यह डिस्टिलरी प्लाण्ट एक एथेनॉल प्लाण्ट है। इससे पेट्रोल और डीजल की जगह एथेनॉल के इस्तेमाल को बल मिलेगा, जिससे गाड़ियां और हवाई जहाज भी चल सकेंगे। यहां फाइन एथेनॉल का उत्पादन भी प्रारम्भ हो गया है।
एथेनॉल के उत्पादन से विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। आज वर्तमान समय में देश 07 से 08 लाख करोड़ रुपये के डीजल एवं पेट्रोल का आयात करता है। एथेनॉल और स्प्रिट का उत्पादन कर डीजल एवं पेट्रोल के स्थान पर उपयोग किया जाए, तो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी, जिससे प्रदेश के किसान भी समृद्ध होंगे। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा, तो देश समृद्ध होगा। युवाओं को अपने घर में नौकरी और रोजगार प्राप्त होंगे। यहां पर रेक्टिफाइड स्प्रिट का निर्माण होगा, जो मॉडर्न मेडिसिन सहित अन्य दवाओं में उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विगत 08 वर्षों से डबल इंजन की सरकार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अन्नदाता किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए देश में वेस्ट खाद्यान्न और सरप्लस गन्ने से एथेनॉल बनाने के कार्यक्रम को अनुमति दी। परिणामस्वरुप उत्तर प्रदेश में एथेनाॅल उत्पादन 42 लाख लीटर से बढ़कर आज 177 करोड़ लीटर का हो गया है। इसका ज्यादातर उपयोग डीजल एवं पेट्रोल के साथ ब्लेण्डिंग करने में हो रहा है। इससे देश को विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है। केयान डिस्टिलरी भी इसका एक माध्यम बनेगा। इसमें पहले चरण में 3.50 लाख लीटर प्रतिदिन का उत्पादन होगा और बाद में यह बढ़कर के 05 लाख लीटर प्रतिदिन तक हो जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने इसके लिए डिस्टिलरी प्लाण्ट से जुड़े प्रबन्ध समिति के सदस्यों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस डिस्टिलरी प्लाण्ट में गीडा के आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नौकरी प्राप्त हो रही है। यहां पर रोजगार प्राप्त स्थानीय लोगों को मेहनत से कार्य करना चाहिए, जिससे उनके रोजी-रोजगार पर कोई प्रश्न चिन्ह न लगने पाए। डिस्टिलरी प्लाण्ट से स्थानीय किसानों को अतिरिक्त आमदनी का एक माध्यम प्राप्त होगा। किसान राइस मिल के टूटे चावल, खराब खाद्यान्न, गेहूं, मक्का तथा पराली इस डिस्टिलरी प्लाण्ट में लेकर आए, तो इन सभी का उपयोग यहां किया जाएगा। यहां किसानों को पराली का 10 रुपये प्रति कुन्तल के हिसाब से दाम प्राप्त होगा। गेहूं की कटाई के बाद किसानों से गेहूं के उपयोग के बाद बचे हुए डण्ठल को डिस्टिलरी प्लाण्ट खरीदेगी। इसके लिए किसानों को समितियां एवं अन्य माध्यमों से डिस्टिलरी प्लाण्ट से जुड़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिस्टिलरी प्लाण्ट से 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से नौकरी एवं रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। वर्ष 2017 से पूर्व, गीडा में कोई निवेशक उद्योग लगाने को तैयार नहीं होता था। विवाद ज्यादा थे और सुविधा कोई नहीं थी। विगत 08 वर्षों में यहां 15,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। 50,000 से अधिक लोगों को गीडा में नौकरी प्राप्त हुई है। गीडा प्रशासन द्वारा स्किल डेवलपमेण्ट के लिए नाइलेट की एक शाखा भी प्रारम्भ की गई है, जिसमें कम्प्यूटर से सम्बन्धित विभिन्न डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स की व्यवस्था है। जो लोग यहां पर ट्रेनिंग लंेगे उन्हें कैम्पस सेलेक्शन के माध्यम से यहीं पर किसी न किसी उद्योग में लगाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गीडा में प्लास्टिक पार्क, गारमेण्ट पार्क, फ्लैटेड फैक्ट्री के परिसर भी बनने जा रहे हैं। यहां पर अन्य नई चीजें भी आ रही हैं। आज लोग गीडा में निवेश करना चाह रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश एवं गीडा में निवेश के सुरक्षा की गारण्टी है। यह व्यक्ति के साथ उसकी पूंजी की भी सुरक्षा की गारण्टी देने वाला क्षेत्र बन चुका है। इसलिए निवेशक यहां आकर बड़े-बड़े निवेश कर रहे हैं। कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल तथा विधायक सहजनवां प्रदीप शुक्ला ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर महापौर डाॅ. मंगलेश श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, डिस्टिलरी प्लाण्ट से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।
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