दिल्ली की तर्ज पर इंदौर-भोपाल मेट्रो स्टेशनों को नीलाम किया जाएगा
भोपाल, 18 जनवरी। दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर इंदौर-भोपाल स्टेशनों की भी नीलामी होगी। क्योंकि इतने महंगे प्रोजेक्ट से यात्रियों से इतना राजस्व नहीं मिल पाता कि इसे चलाया जा सके, क्योंकि टिकट की दरें भी ज्यादा नहीं रखी जा सकतीं। नीलामी में निजी कंपनियां बोली लगाकर इन स्टेशनों को अपने नाम कर सकती हैं। इंदौर मेट्रो में भी खर्च के मुकाबले 20 फीसदी राजस्व मिलने का अनुमान लगाया गया है, जिसके चलते इन दिनों इस बात पर चर्चा चल रही है कि मेट्रो कॉर्पोरेशन अन्य तरीकों से किस तरह राजस्व कमा सकता है।
गौरतलब है कि फिलहाल इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट का काम गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर, एमआर-10 होते हुए विजय नगर, रेडिसन से रोबोट चौराहे तक चल रहा है। वहीं, 6 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर भी मेट्रो का व्यवसायिक संचालन जल्द शुरू किया जाना है। हालांकि, फिलहाल यात्रियों की कमी रहेगी। लेकिन मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का मानना है कि इससे व्यावसायिक दिक्कतें भी सामने आएंगी और 6 किलोमीटर के व्यावसायिक संचालन के साथ ट्रायल भी किया जाएगा।
इंदौर मेट्रो को एयरपोर्ट से एयरपोर्ट तक करीब साढ़े 32 किलोमीटर चलना है, जिसमें 30 से ज्यादा स्टेशन होंगे, जबकि 6 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर पहले तैयार किया जा रहा है। साथ ही इंदौर-भोपाल मेट्रो का घाटा कैसे कम किया जाए और आय के नए स्रोत भी तलाशे जा रहे हैं, जिसके चलते दिल्ली की तरह मेट्रो स्टेशनों की भी नीलामी की जाएगी। यह नीलामी 10 साल या उससे ज्यादा समय के लिए होगी, जिसमें ज्यादा कीमत पर बोली लगाने वाली निजी कंपनी या संस्था का नाम, पहचान, लोगो आदि स्टेशनों पर इस्तेमाल किया जाएगा, इसके साथ ही सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी या संस्था या एजेंसी का नाम भी स्टेशन के नामकरण से पहले रहेगा।