यूपी में मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्रियों के बीच बढ़ता मतभेद

लखनऊ, 29 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद से ही जो मतभेद सामने आया वह अब मनभेद में तब्दील होता नजर आ रहा है। आज सोमवार को विधानसभा सत्र की शुरूआत में ऐसा लगा की मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एक साथ हैं। लेकिन जब ओबीसी मोर्चा सम्मेलन का मंच साझा करने की बारी आयी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक एक साथ नहीं दिखाई दिए।
गौरतलब है कि केशव प्रसाद मौर्य यह बात पहले भी कहते आए हैं कि चुनाव पार्टी जीतती है सरकार नहीं। ज्ञात हो कि ओबीसी मोर्चा सम्मेलन के मंच पर जब कुर्सियां सजायी जा रहीं थीं उसी दौरान दोनों उपमुख्यमंत्री कार्यक्रमस्थल से रवाना हो गए। ओबीसी मोर्चा सम्मेलन की बैठक में योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरक्षण वाले मुद्दे पर जवाब भी दे दिया। सीएम ने कहा कि 69 हजार शिक्षकों की भर्ती पर सवाल खड़े किए जाते हैं। ये वही लोग हैं जिनकी सरकार में 86 में 56 एक ही जाति के लोगों को नौकरी मिली थी। कुछ लोग हम पर आरोप लगाते हैं। सपा सरकार में 86 एसडीएम की नियुक्ति हुई थी।  86 में से 56 सिर्फ एक ही जाति के लोग थे। हम पर आरोप लगाने वाले लोग इस बात पर खामोश हो जाते हैं। पिछले 7 साल में हमने 6.50 लाख सरकारी भर्ती की। इसमे 60 फीसदी ओबीसी समाज के लोग थे। 69 हजार शिक्षकों की भर्ती में हमने इसको लागू किया।