जल संकट को लेकर सड़क पर उतरी डीएमके, ठोस कदम उठाने की मांग की

चेन्नई।   तमिलनाडु के कई हिस्सों में जल संकट को लेकर सरकार के रवैये के खिलाफ राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर रही है। पार्टी के नेताओं ने डिंडीगुल, सलेम, इरोड, तिरुप्पुर, थुथुकुडी और रामनाथपुरम में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से इस मुद्दे को हल करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। तमिलनाडु इस समय गहरे जल संकट से जूझ रहा है। यहां तक कि चेन्नई में पानी की कमी की वजह से कुछ ऑफिसेस ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम से काम करने का निर्देश दे दिया है।

डीएमके ने दावा किया है कि AIADMK सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक विफलता के कारण राज्य में पानी का संकट गहराया है। इधर राज्य के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए एक आपात बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि सरकार ने वेल्लोर से चेन्नई के पास जोलरपेट्टई से रेल के जरिए पानी को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने के लिए 65 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
पलानीस्वामी ने कहा कि अगले छह महीने के लिए सरकार रेल वैगन के जरिए जोलरपेट्टई से 10 एमएलडी (प्रति दिन लाखों लीटर) पानी लाने का प्रयास करेगी। इसके अलावा पलानीस्वामी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और जल आपूर्ति को लेकर जरूर कदम उठा रहे हैं। जहां भी पानी की कमी है वहां पानी का आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हमारे पास एक समन्वित प्रणाली है। इसके अलावा सीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आंध्र प्रदेश की कृषा नदी से पानी सप्लाई की जा रही है।
तमिलनाडु का पड़ोसी राज्य केरल ने भी पानी देने का ऑफर दिया है। केरल सरकार ने तिरुवनंतपुरम से चेन्नई के लिए रेल वैगन में 2MLD पानी भेजने की पेशकश की है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने केरल सरकार के इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री विजयन को धन्यवाद भी कहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि पानी की एक बार की आपूर्ति पर्याप्त नहीं होगी।