प्रयागराज महाकुंभ मेले में मची भगदड़ -30 लोगों की मौत, 36 गंभीर घायल

प्रयागराज, 29 जनवरी। महाकुंभ में पुण्य स्नान का लाभ लेने करोड़ों की तादात में पहुंचे श्रृ़द्धालुु उस वक्त दुविधा में पड़ गए जब मौनी अमावस्या के स्नान को लोग रात से ही घाट पर सुबह होने का इंतजार कर रहे थे। और सुबह होते ही भीड़ ने मानों एक साथ घाट पर भागदौड़ मचा दी जिससे 30 लोग असमय मौत के घाट उतर गए। अचानक मची भगदड़ से हुई इन मौतों पर शुरूआती दौर में तो मानों प्रशासन द्वारा पर्दा सा डाला जा रहा था। लेकिन थोड़ी देर से ही सही प्रशासन ने आज प्रेस कांफ्रेस में यह माना कि इस भागदौड़ में 30 लोग मृत हुए, 36 गंभीर घायल इलाजरत, के साथ ही 60 और लोग घायल हैं।
गौरतलब है कि पुण्य स्नान को लेकर लोग इतने उत्साहित थे कि उन्हें दिखाई ही नहीं दिया की वे आखिर एक दूसरे को कुचले जा रहे हैं, और एक के बाद एक 30 जानें चली गईं। दरअसल संगम नोज तक पहुंचने के लिए मुख्य रास्ता संगम मार्ग है, जबकि लौटने के लिए तीन मार्ग महावीर मार्ग, अक्षय वट मार्ग एवं जगदीश रैंप मार्ग तैयार है। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति के लिए ग्रीन काॅरीडोर भी बनाया गया है। इसी तरह काली मार्ग से होकर संगम आने और वापसी के लिए पांच प्रमुख मार्ग भी हैं। इसके साथ ही अखाड़ों के स्नान के लिए अलग से घाट तैयार किए गए हैं जहां सिर्फ अखाड़े ही स्नान कर सकें। अब इतनी सब व्यवस्थाओं के बावजूद प्रशासन पर सवाल यह उठता है कि जब मौनी अमावस्या के पुण्य स्नान को लेकर बड़ी संख्या में लोग मुहुर्त का इंतजार कर रहे थे तभी भीड़ को काबू में करने की कोई उचित व्यवस्था क्योें नहीं की गई। अगर समय रहते प्रशासन में मुस्तैदी दिखाई होती तो इन 30 जानों को बचाया जा सकता था।