स्कूल के संचालन में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्यवाही करें – अंतर सिंह आर्य

मंडला, 26 जुलाई। आदिवासी समुदाय को स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले, स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, उचित मूल्य की दुकानों से राशन और शासन की योजनाओं का लाभ मिले इस उद्देश्य के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने कहा कि पूरे देश में बारह करोड़ आदिवासी निवास करते हैं। उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, रोजगार और शासन की योजनाओं का लाभ मिले इसकी निगरानी करना आयोग की जिम्मेदारी है। आर्य गुरुवार को जिला योजना भवन में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर कलेक्टर  श्रेयांश कूमट, पुलिस अधीक्षक  रजत सकलेचा, अपर कलेक्टर राजेंद्र सिंह, निज सचिव अनुसूचित जनजाति आयोग  प्रकाश उईके,  रंजीत सेन सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।
अंतर सिंह आर्य ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के स्कूलों का संचालन निर्धारित समय सीमा तक करें। निर्धारित समय से पूर्व स्कूल छोड़ने वाले या स्कूल नहीं जाने वाले शिक्षक और शिक्षिकाओं पर कड़ी कार्यवाही करें। उन्होने कहा कि स्कूलों में बेहतर शिक्षा दें जिससे बच्चों का भविष्य बेहतर बन सके। जिले में संचालित आदिवासी छात्रावासों का संचालन बेहतर ढंग से करें। छात्रावासों का संचालन करने में लापरवाही बरतने वाले छात्रावास अधीक्षकों पर कड़ी कार्यवाही करें। अध्यक्ष ने बताया कि अनुसूचित जनजाति आयोग ने आदिवासियों के विकास और उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की निगरानी के लिए सौ दिवसीय कार्ययोजना बनाई गई है। जिससे शासन की योजनाओं से आदिवासियों को मिल रहे लाभों की समीक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन युवा संवाद करें। इस संवाद कार्यक्रम में आदिवासी युवाओं को जोड़ें और उन्हें शासन की योजनाओं व कार्यों के बारे में जागरूक करें। जिससे वे आगे आकर शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकें।
अंतर सिंह आर्य ने कहा कि आदिवासी अपने धर्म संस्कृति और परम्पराओं का पालन करते हैं। यह धरोहर उन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होती है। जो आदिवासी समाज के लिए अनमोल है। उन्होंने कहा कि अगर कोई असामाजिक तत्व आदिवासियों के रीति रिवाज और परंपराओं को खंडित करने का कार्य करता है तो उन पर कार्यवाही की जाए। जिससे आदिवासियों की रीति रिवाज और परंपराओं का संरक्षण हो सके। आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश वासियों से एक पेड़ मां के नाम लगाने की अपील की है। इसलिए सभी नागरिक विभाग संस्थ्याएं और समाज सेवी अनिवार्य रूप से एक फलदार पेड़ जरूर लगाएं और उसकी सुरक्षा भी करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए पेड़ लगाना बहुत जरूरी हैं। जिससे हमें पर्यावरण संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि खाली पड़ी सरकारी भूमि में ग्राम पंचायतों के माध्यम से पेड़ जरूर लगाएं। ग्राम पंचायत द्वारा पेड़ लगाने के लिए नीम और करंज के पौधों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निज सचिव अनुसूचित जनजाति आयोग प्रकाश उइके ने जिले में आयुष्मान कार्डधारी जनजाति हितग्राहियों और उनके उपचार के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पेसा मोबलाइजरों को पेसा एक्ट के दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए, उन्हें अन्यत्र कार्य न सौंपने को कहा। जनजातीय युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग में धारा 170 ख के तहत लम्बित प्रकरणों का निराकरण करने के लिए एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही करने को कहा। जिले में संचालित स्व सहायता समूहों के द्वारा एक लाख से अधिक आय अर्जित करने वाले 10 स्व सहायता समूहों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित करने के लिए समस्त हितग्राहियों के नाम जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री विवाह योजना के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राही तथा रानी दुर्गावती और राजा शंकरशाह एवं रघुनाथशाह पुरूस्कार योजना के तहत लाभान्वित मेधावी छात्रों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जनजातियों के भूमि से संबंधित विवादित, अविवादित, नामांतरण के प्रकरणों के निपटारे के संबंध में जानकारी ली। आयोजित बैठक में प्रभारी कलेक्टर श्रेयांश कूमट ने जिले में अनुसूचित जनजातियों के लिए संचालित योजनाओं एवं जनजाति क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।