बजट-2024 पर एकमत इंडिया गठबंधन, संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली, 24 जुलाई। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले आम बजट पर राजनीतिक पारा हाई होता नजर आ रहा है। चुनावी साल में 2024 के केंद्रीय बजट का विरोध शुरू हो गया है। आज संसद में बजट सत्र के तीसरे दिन विपक्ष सरकार पर हमलावार रहा। इंडिया गठबंधन ने आज संसद के बाहर प्रदर्शन करते हुए आम बजट-2024 को भेेदभावपूर्ण बताया। बजट में आंध्र प्रदेश और बिहार को विशेष पैकेज दिए जाने के खिलाफ विपक्ष के 6 मुख्यमंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया है, जिसमें 4 मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की मीटिंग में शामिल होने से मना किया।
गौरतलब है कि तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, हिमाचल, पश्चिम बंगाल और झारखंड के मुख्यमंत्री ने बजट का खुलकर विरोध किया है। इन सभी मुख्यमंत्रियों के अलावा तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2024 का केंद्रीय बजट सिर्फ 2 राज्यों के लिए ही बनाया गया है। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन कहा कि राज्य से जो पैसा केंद्र ले रही है, उसे भी नहीं दे रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बजट का विरोध करते हुए कहा कि बजट से हमको अलग रखा गया है। इसका जवाब बंगाल की जनता आने वाले वक्त में बीजेपी को देगी। ममता बनर्जी ने मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बंगाल से जलते हैं। विरोध के चलते नौबत यह आन पड़ी की राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सोशल मीडिया से अपना वह पोस्ट तक हटाना पड़ा जिसमें उन्होंने बजट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तारीफ की थी।
गौरतलब है कि लोकसभा में आज बजट पर चर्चा के लिए 20 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इस पर चर्चा पूरी होने के बाद 30 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर बहस का जवाब देंगी। ज्ञात हो कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी और हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने भी बजट का विरोध किया। तीनों ही मुख्यमंत्रियों का कहना था कि उनके राज्यों के लिए बजट में कुछ भी विशेष नहीं है। एमके स्टालिन के साथ-साथ इन तीनों ही मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार किया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि हमने आपदा से निपटने के लिए 36 हजार करोड़ रुपए की मांग की, लेकिन सरकार ने सिर्फ 236 करोड़ रुपए दिया है। तमिलनाडु पिछले 3 साल से मेट्रो बजट की मांग कर रहा है, लेकिन केंद्र इस पर कुछ नहीं बोल रही है।
गौरतलब है कि विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि बजट केवल बिहार और आंध्र प्रदेश को प्राथमिकता देने वाला है। खरगे ने बजट को ‘कुर्सी बचाओ’ बजट करार देते हुए इसकी कड़ी आलोचना की।
राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मोदी सरकार के बजट में उन राज्यों को इस बजट से कुछ नहीं मिला, जिन राज्यों की जनता ने बीजेपी को नकार दिया है, उन सबकी थाली खाली हैं। सिर्फ दो राज्यों बिहार और आंध्र प्रदेश की थाली में पकौड़े और जलेबी हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल उनकी कुर्सी बचाने के लिए लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि बजट में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली और ओड़िशा सहित कई राज्यों को कुछ नहीं मिला है।
बुधवार को राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने मल्लिकार्जुन खरगे से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को जवाब देने की अनुमति देने का आग्रह किया, खरगे ने टिप्पणी की, “मुझे अपनी बात समाप्त करने दीजिए। मुझे पता है, माताजी बोलने में तो एक्सपर्ट हैं।” कांग्रेस अध्यक्ष ने तर्क दिया कि राज्यों के बीच संतुलन के बिना कोई विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, ‘मैंने ऐसा बजट कभी नहीं देखा। हम इसकी निंदा करते हैं, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक इंडिया गठबंधन के दल इसकी निंदा करते हैं।’