वीयू में सैतीसवां सम्मेलन का समापन
18 नवंबर, जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सीता प्रसाद तिवारी के मागदर्शन में आयोजित पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के पशु मादा रोग एवं प्रसूति विज्ञान विभाग और इस्सार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक तथा राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम व द्वितीय दिन विभिन्न विषयों पर 6 तकनीकी सत्र निम्न विषयों पर हुए – पशु चिकित्सा प्रसूति विज्ञान , फील्ड पशु चिकित्सकों द्वारा क्लिनिकल केस प्रेजेंटेशन, प्रजनन जैव प्रौद्योगिकी, एंड्रोलॉजी हिमीकृत वीर्य प्रौद्योगिकी और नर बांझपन, पशुओं में मादा पशु बांझपन, अश्व, पालतू और जंगली जानवर मे प्रजनन । तकनीकी सत्र के संपादन के बाद समापन कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता माननीय कुलपति नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी डॉक्टर एसपी तिवारी ने की जिसके मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. मन मोहन सिंह रहे। साथ ही मंचासीन अथितियों मे समिति के प्रेसिडेंट डॉ वी सी मूर्ति ,जनरल सेक्रेटरी डॉ. आर के चंदोलिया , अधिष्ठाता डॉ. आर के शर्मा तथा आयोजन सचिव डॉ. एस.एन.शुक्ला रहे। तकनीकी सत्र का प्रतिवेदन संबंधित सत्र के सत्र प्रमुख द्वारा प्रस्तुत किया तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों द्वारा यंग साइनटिस्ट पुरस्कार डॉ. एम. पी. तेजस्वनी ,डॉ. यू. एस. तिवारी, डॉ. आर. के. चौधरी, डॉ. जी.सतरियाँ ,डॉ. एन. चौधरी, डॉ. एस. चौकसे, डॉ. एच. बेहेरा, डॉ. वी. के. गुप्ता ,डॉ. ए. तेजा, एवं डॉ. एस. जीनागाल को दिया गया।
मंचासीन अतिथियों द्वारा बेस्ट पेपर पुरस्कार मे प्रथम स्थान प्राप्त शोधार्थियों डॉ. प्रिया रंजन कुमार, डॉ. जी. के. मिश्रा, डॉ. एस.के. मिश्रा, डॉ. ए. कुमार ,डॉ.टी. वी. सुतारिया, डॉ. एस. देवरी, डॉ. एस.चौधरी, डॉ.बी. सत्पाती, डॉ. वी. गुप्ता, डॉ. आर. एस. अभिलाष एवं डॉ. पी.चंद्रा को पुरस्कार प्रदान किए। तत्कालीन प्रीतियोगिता मे विजेता डॉ. आर. रुथरकुमार रहे । समापन कार्यक्रम में समस्त प्रतिभागी विश्वविद्यालय के पदाधिकारी गण तथा महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक गण उपस्थित रहे। तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों का तथा विभिन्न समिति के अध्यक्षों का एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंच संचालन डॉक्टर वंदना गुप्ता एवं डॉ पूर्णिमा सिंह द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. नितिन बजाज द्वारा किया गया।