करोड़ों रुपए की लागत से बना स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टर के अभाव मैं सूना

शहडोल/जयसिंह नगर, 27 सितंबर। कस्बा कनाडी में सरकार की ओर से करोड़ों रुपए की लागत का पीएचसी के लिए नया भवन बनाया गया। चिकित्सकों व कर्मचारियों को रहने के लिए नए क्वार्टर बनाए गए कस्बा व आसपास के गांव की काफी उम्मीद जगी की अब यही पर बेहतर इलाज हो सकेगा। लेकिन पीएचसी पर कार्यरत चिकित्सक को ब्यौहारी अटैच कर दिया गया उसके बाद से पीएचसी की व्यवस्था चरमरा गई यहां पर कई स्टॉप का पद स्वीकृत है इनमें से कई पद खाली हैं।

सबसे महत्वपूर्ण पद होते हुए भी रिक्त है जब कनाडी पीएचसी पर चिकित्सक बैठता था तो उस समय रोजाना की ओपीडी लगभग 50 से 100 तक रहती थी लेकिन चिकित्सक का तबादला( अटैच) होने के बाद मरीजों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। कनाडी प्राथमिक स्वास्थ केंद्र जहां चिकित्सक का अभाव है पहले महीने में 25 से 30 के बीच कनाडी पीएचसी पर डिलीवरी होती थी लेकिन जब से डॉक्टर को व्यहारी भेजा गया तबसे कनाडी पीएचसी पर डिलीवरी होना लगभग बंद हो गया व्यवस्था चरमरा गई है। लोगों को कहना है कि अगर जल्दी ही चिकित्सा विभाग की ओर से यहां पर चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गई तो कस्बा और आसपास के ग्रामीण चिकित्सा विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
कनाडी खुर्द में पदस्थ डॉक्टर रत्नेश द्विवेदी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कनाडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गलत बन गया है। आमजन को इस अस्पताल की कोई जरूरत नहीं है जब डॉक्टर से पूछा गया की आप अस्पताल कई महीनों से नहीं आए है तो उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंह नगर में इलाज कराने चले जाते हैं और देवरी, ठेगरहा, नदना आदि गांव के लोग उमरिया जिले के मानपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाने जाते हैं। इसलिए मेरा वहां बैठना ठीक नहीं है पीएचसी पर डॉक्टर के अभाव में नर्स से इलाज कराने को मजबूर हैं ग्रामीण।  कनाडी कस्बे से बनी हुई पीएचसी का चिकित्सकों के अभाव में नर्स के हवाले पीएचसी है पर अब तक एक चिकित्सक मौजूद था लेकिन उसका भी व्यौहारी सीएचसी पर अटैच हो जाने के कारण पीएचसी पर बिना चिकित्सक के नर्स से लोगों को दवाई लेनी पड़ रही हैं।