सरकारी MTNL बंद होने के कगार पर, 45000 नौकरियाँ ख़तरे में: कांग्रेस

नई दिल्ली, 6 June   —  राज्य के स्वामित्व वाले महानगर टेलीफोन निगम (एमटीएनएल) के ऑडिटर्स ने कहा है कि कंपनी की कुल संपत्ति पूरी तरह से खत्म हो गई है और देनदारियों देनदारियों ने मौजूदा संपत्ति को काफी हद तक पार कर लिया है।

आई इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस एक बार फिर एक्शन मोड़ में आ गई है। इस रिपोर्ट पर इशारा करते हुए कांग्रेस ने केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने ट्वीट के जरिए कहा है की “भाजपा की नीति: पूँजीपति मित्रों को बचाओ, सरकारी कंपनियों को डुबाओ !, ऑडिट रिपोर्ट का खुलासा- -2013-14 में MTNL ₹7,838 Cr के मुनाफ़े में थी (कांग्रेस), 2019 में रु 3,390 Cr के घाटे में (भाजपा)। यानि कांग्रेस के राज MTNL को मुनाफा हुआ था और भाजपा के राज में कंपनी घाटे में जा रही है।
राज्य के स्वामित्व वाले महानगर टेलीफोन निगम (एमटीएनएल) के ऑडिटर्स ने कहा है कि कंपनी की कुल संपत्ति पूरी तरह से खत्म हो गई है, और कंपनी की वर्तमान देनदारियों ने मौजूदा संपत्ति को काफी हद तक पार कर लिया है। लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट में कहा गया है कि जबकि फर्म के स्टैंडअलोन Ind-AS वित्तीय विवरण भारत सरकार की बहुसंख्यक हिस्सेदारी को ध्यान में रखते हुए एक चिंताजनक आधार पर तैयार किए गए हैं, यह संदेह है कि कंपनी जारी चिंता के रूप में जारी रह सकती है।