14 साल की नाबालिग से 56 साल के शख्स की शादी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बताया वैध

मुंबई , 6 May –  बॉम्बे हाईकोर्ट ने 56 साल के एक एडवोकेट की 14 साल की एक नाबालिग से शादी को उस वक्त कानूनी रूप से वैध करार दे दिया जब 18 साल की होने के बाद उसने अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई। कोर्ट का कहना था कि समाज में कोई भी उसे स्वीकार नहीं करेगा इसलिए उसके भविष्य की सुरक्षा करना ज्यादा जरूरी है।

वकील के खिलाफ लड़की ने केस दायर करके आरोप लगाया गया था कि वह नाबालिग के साथ शादी करने की वजह से दुष्कर्म के दोषी हैं। इस पर आरोपी ने याचिका दायर करके केस को खत्म करने की मांग की। लड़की ने शिकायत करके कहा कि उसके दादा-दादी के दबाव के चलते उसे इस आदमी से 2014 में शादी करनी पड़ी थी। उस वक्त उसके पति की उम्र 52 साल थी जबकि लड़की की उम्र 14 साल थी। अब लड़की 18 साल की हो गई है।
शिकायत के बाद एडवोकेट को 10 महीनों के लिए न्यायिक हिरासत में रखा गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। लड़की के 18 साल के होने के बाद लड़की ने हाईकोर्ट में अपील दायर की कि उसके पति के खिलाफ केस खत्म कर दिया जाए। पिछले हफ्ते महिला ने हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया था जिसमें उसने कहा कि उसने समझौता कर लिया है और अब अपने पति के साथ रहना चाहती है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, इस बात में कोई संदेह नहीं है कि शादी के वक्त वह नाबालिग थी लेकिन अब वह बालिग हो चुकी है और अपने पति के साथ रहना चाहती है। इसलिए अब यह शादी कानूनी रूप से वैध है।
कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर केस को खत्म नहीं किया गया तो महिला को भविष्य में नुकसान हो सकता है। बेंच ने महिला के पति को आदेश दिया कि वह उसक नाम 10 एकड़ ज़मीन ट्रांसफर कर दे, सात लाख रुपये की एक एफडी खोल दे और इस बात को सुनिश्चित करे कि वह अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर पाए। बेंच ने पुलिस को आदेश दिया कि वह इस मामले में जांच बंद कर दे।