आनंद शर्मा ने कहा भाजपा का जनाधार तेजी से गिरा
नई दिल्ली कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के चार चरण का मतदान हो चुका है और पांचवे चरण का मतदान 6 तारीख को होगा। एक चीज स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी का जन समर्थन तेजी से गिर रहा है, जितनी तेजी से वो गिरावट है, उतनी ही तेजी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बौखलाहट सामने आती है। उनके हाल के भाषणों से, वक्तव्यों से एक बात स्पष्ट है कि वो अपनी निश्चित पराजय से घबरा गए हैं।

कुछ दिन की बात है माननीय प्रधानमंत्री जो कहते हैं कि उन्होंने बहुत बड़ी उपब्धि और बहुत बड़े काम किए हैं, उनकी जवाबदेही भारत के मतदाता तय करेंगे। आज भी प्रधानमंत्री जी ने जो अपने भाषण में कहा, पिछले कल और परसों, उससे स्पष्ट हो जाता है कि प्रधानमंत्री जी लोगों के सवालों से और असली मुद्दों से भाग रहे हैं। हमने उनसे बार-बार आग्रह किया है कृपा करके आप वापस अपने वायदों पर आ जाएं, जो आपने भारत की जनता से किए थे। जनता ने उन पर विश्वास किया, नरेन्द्र मोदी जी और बीजेपी को जनादेश दिया, इनकी सरकार बनी।
तो जो बात वो साल पहले कहते थे, कांग्रेस के बारे में, उस समय की सरकार के बारे में, 5 साल के बाद वो कहना न्याययोचित उचित नहीं है, लोग ये बात नहीं सुनना चाहते हैं, लोग ये सुनना चाहते हैं कि क्या कारण था कि आपने हमारे विश्वास को तोड़ा है, वायदा खिलाफी की है। देश के अलग-अलग हिस्सों में जहाँ मैं गया हूं, वहाँ से ये बात साफ जाहिर है कि मतदाता इनसे निराश भी है और एक वर्ग है हमारे मतदाताओं का, विशेष तौर से हमारे नौजवान जिनको 2 करोड़ रोजगार का वायदा किया था, पर करोड़ों रोजगार टूटे, किसान और जो वंचित वर्ग है, कमजोर वर्ग है समाज का, वो अपने आपको ठगा हुआ महसूस करते हैं। प्रधानमंत्री जी ने केवल विश्वासघात नहीं किया, बल्कि भारत की जनता से धोखा भी किया है। अब वो सब मुद्दों से अलग हटकर केवल राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद की बात करते हैं। ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री भारत के मतदाताओं के, भारत की जनता के विवेक और बुद्धिमता को नकारते हैं। अगर उनका सम्मान होता मतदाताओं के विवेक के प्रति तो ये ऐसी गलत बयानी ना करते। क्योंकि आज भी प्रधानमंत्री ने जो कहा है कि पिछली सरकार के समय आए दिन हमले होते थे, इसका कारण क्या है? हमारी खुली चुनौती है उनको और उनके जो बाकी चापलूस मंत्री हैं, किसी मंच से इस पर चर्चा कर लें।