लॉकडाउन के कारण देश के खुदरा व्यापार को 5.50 लाख करोड़ का नुक़सान – कैट
नई दिल्ली, 5 मई। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने आज कहा कि जब से 24 मार्च को देश में लॉकडाउन लागू किया गया था तब से लेकर 30 अप्रैल तक भारतीय खुदरा व्यापार में लगभग 5.50 लाख करोड़ रुपये का व्यापार नहीं हुआ और व्यापार न होने से कम से कम 20% व्यापारियों और उन व्यापारियों पर निर्भर लगभग 10 अन्य व्यापारियों द्वारा अपना व्यापार बंद करने की संभावना है ।
लॉकडाउन ने भारतीय खुदरा विक्रेताओं के अगले कुछ महीनों के कारोबार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और उसी के कारण कैट ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीथारमन से आग्रह किया है की सरकार देश के व्यापारिक समुदाय को संभालने और व्यापारियों को उनके अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पैकेज दे जिससे देश के व्यापार को इस कठिन समय से उबारा जा सके ।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भारतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि करोना ने भारतीय खुदरा व्यापार में बहुत बड़ी अपूरणीय सेंध लगाई है जिसका पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा भारतीय रिटेलर्स लगभग 15,000 करोड़ का दैनिक कारोबार करते हैं और देश में 40 दिनों से अधिक समय से तालाबंदी चल रही है, इसका मतलब है कि 5.50 लाख करोड़ से अधिक का भारी नुकसान हुआ है।
जो कि भारत के 7 करोड़ व्यापारियों द्वारा किया जाता है।उन्होंने आगे कहा कि इन 7 करोड़ व्यापारियों में से लगभग 1.5 करोड़ व्यापारियों द्वारा कुछ महीनों में ही अपने व्यापार को स्थायी रूप से बंद करना होगा और लगभग 75 लाख व्यापारी जो इन 1.5 करोड़ व्यापारियों पर निर्भर हैं उन्हें भी अपना व्यापार बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा। भारतिया और खंडेलवाल ने कहा कि भारत में कम से कम 2.5 करोड़ व्यापारी बेहद सूक्ष्म और छोटे हैं जिनके पास इस गंभीर आर्थिक तबाही से बचने का कोई रास्ता नहीं है ।