भारतीय वायुसेना के विमान का अभी कुछ अता पता नहीं
लाख कोशिशों के बावजूद भारतीय वायुसेना का विमान एएन 32 का कुछ अता पता नहीं चल पाया है। जबकि खोज अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। संभावित दुर्घटना क्षेत्र की गणना इसके आखिरी रडार और रेडियो संपर्क के जरिए की गई है। यह क्षेत्र चीन के पश्चिम सियांग जिले की सीमा के नजदीक है। अरुणाचल प्रदेश के गृहमंत्री बामांग फेलिक्स ने कहा, ‘हमने पांच जिलों के नागरिक और पुलिस प्रशासन को लगाया है। हमने स्थानीय लोगों से खोजी अभियान में शामिल होने की अपील की है। जिस संभावित क्षेत्र से विमान गायब हुआ है वह घने जगंलों वाला और पहुंच से बाहर है।

अरुणाचल प्रदेश के घने जंगली इलाकों में इसका कुछ पता नहीं चल सका है। माना जा रहा है कि विमान अलोंग-पायूम-तातो के संभावित दुर्घटना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस विमान में आधुनिक रडार या आपातकालीन लोकेटर ट्रांसमीटर नहीं है। यह एएन-32 विमान का वह मॉडल है जिसे अपग्रेड नहीं किया गया था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का कहना है कि सैटेलाइट किसी वस्तु की दिन में दो से तीन बार तस्वीर ले सकती है। हालांकि इस सैटेलाइट की एक ही कमजोरी है कि यह घने वृक्षों के बीच में नहीं देख सकती है। यदि विमान का मलबा खुली पहाड़ियों पर होगा तो वह आसानी से इसका पता लगा लेगी। सैटेलाइट के अलावा सुरक्षाबलों की तैनाती, जासूसी ड्रोन और वायुसेना और नौसेना के टोही विमानों को भी खोज में लगाया गया है।
हम बता दें कि सोमवार को वायुसेना का एएन-32 विमान अरुणाचल प्रदेश के मेंचुका के पास लापता हो गया था। विमान ने असम के जोरहाट से चीन की सीमा के पास मेंचुका के लिए उड़ान भरी थी। सोमवार दोपहर को उड़ान भरने के करीब 33 मिनट बाद विमान लापता हो गया, जिसमें 13 लोग सवार थे। जिसमें वायुसेना के छह अधिकारी और सात अन्य जवान सवार थे। विमान का पता लगाने के लिए वायुसेना ने सी-130जे, सी 130 हरक्यूलिस, सुखोई एसयू-30 लड़ाकू विमान को लगाया है।