भाजपा संसदीय दल की बैठक में बोले मोदी विकास ही हमारा मूल मंत्र है

नई दिल्ली, 3 मार्च । विकास और केवल विकास ही हमारा मूल मंत्र है। विकास के माध्यम से देश की सेवा यही हमारी राजनैतिक सक्रियता का उद्देश्य है। हमें ध्यान में रखना है कि शांति, एकता और सद्भावना, यह विकास की पूर्व शर्त है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि शांति, एकता और सद्भावना के प्रति हमारी प्रतिबद्धता हमारे विचारों से, हमारी वाणी से, और हमारे कार्य से (मनसा, वाचा, कर्मणा) निरंतर झलकती रहे। मैं सभी सांसदों से अपील करूंगा कि शांति, एकता और सद्भावना बरकरार रखने के लिए सामूहिक प्रयासों में हम अग्रणी रहकर उनका नेतृत्व करें।
मैं आप सभी से यह भी आग्रह करूंगा कि हम खुद को केवल भाजपा के कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि भारत माता के लाल माने और इस महत्ती दायित्व का निर्वाहन करें। भारत माँ के लाल के नाते शांति, एकता और सद्भावना के लिए अनथक प्रयासों में हमें लगे रहना है। ध्यान में रहे कि समाज में ऐसे भी लोग हैं जो दलहित से प्रेरित है, जबकि हम व्यापक देशहित से प्रेरणा पाते हैं। यह दलहित और देशहित के बीच एक तरह की रस्साकशी है और हमें देशहित के लिए इसमें विजयी ही होना है।
हम यह लड़ाई केवल भाजपा के कार्यकर्ता के नाते ही नहीं बल्कि भारत माता के लाल के नाते लड़ रहे हैं। इस संघर्ष का हमारा उद्देश्य “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास“ यही है। मुझे बड़ा दुःख होता है, जब मैं देखता हूं कि कुछ लोग “भारत माता की जय“ जैसे नारे को भी संदेह की निगाहों से देखते हैं, और उन्हें उनमें कुछ अजीब-सी बू आती है। उनका यह दृष्टिकोण बहुत पीड़ादायक है और हर देशप्रेमी को इसके कारण बड़ा क्षोभ है, बड़ी वेदना है।