नागरिकता कानून से हिंदुस्तानी मुसलमानों का कुछ लेना देना नहीं – शाही इमाम

नई दिल्ली, 18 दिसंबर।  दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी ने कहा है कि नागरिकता कानून से दिल्ली के मुसलमानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसका असर पाकिस्तान, बंगला देश और अफगानिस्तान के मुसलमानों पर पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा है कि जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं उन्हें संयम बरतना चाहिए। शाही इमाम ने लोगों से कहा है कि प्रदर्शन उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इस दौरान संयम बरता जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून का भारत में रह रहे मुस्लिमों से कोई लेना देना नहीं।
शाही इमाम ने कहा इसका असर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश शरणार्थियों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी में फर्क है। एक नागरिकता संशोधन एक्ट है जो कि कानून बन चुका है और दूसरा एनआरसी है, जिसका अभी घोषणा ही किया गया है। नागरिकता कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले मुस्लिम शरणार्थी भारत की नागरिकता नहीं ले पाएंगे। इसका भारत में रहने वाले मुस्लिमों से कोई लेना-देना नहीं।
उन्होंने साथ ही कहा कि एनआरसी अभी कानून नहीं बना है। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में देश की कई कॉलेजों में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। इस कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी। इसका विरोध करने वाले और विपक्षी पार्टियों का कहना है कि यह कानून मुसलमानों से भेदभाव करता है और धर्म के आधार पर नागरिकता देना संविधान के खिलाफ है।
एक समाचार एजेंसी को दिए बयान के मुताबिक शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने मंगलवार को कहा, ‘प्रदर्शन करना भारत के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है, ऐसा करने से हमें कोई नहीं रोक सकता। हालांकि, यह भी अहम है कि इस दौरान संयम बरता जाना चाहिए और भावनाओं पर नियंत्रण रखना भी अहम है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून का भारत में रहने वाले मुस्लिमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।