खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट : कमल नाथ

भोपाल । मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री तरुण भनोत ने बुधवार को राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट प्रस्तुत किया। वित्तमंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत कौटिल्य को याद कर की। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने कम समय में ही प्रदेश की जनता के लिए काम किया। इस बीच आचार संहिता भी रही है, जिसमें हमने 128 दिनों में किसानों का कर्जा माफ, बिजली का बिल माफ किया और युवाओं के लिए काम किया।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने बजट-2019-20 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट है। किसान, युवा, गरीब, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक और मध्यम वर्ग के हित में बजट में जो चिंता की गई है, उससे अगले 5 साल में प्रदेश के वास्तविक विकास का नक्शा बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट नए मध्यप्रदेश के निर्माण का ऐसा आईना है, जिसमें समृद्ध प्रदेश की तस्वीर साफ दिखलाई देती है।

बजट के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं।- 1000 गौशालाओं के लिये 132 करोड़ रुपये का प्रावधान। पुरानी गौशालाओं में चारे-भूसे के लिये प्रति गाय आवंटन चार रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये।- राम वन गमन पथ के अंचलों के विकास के लिये प्रावधान – बुजुर्गो, विधावाओं एवं दिव्यांगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन 300 रुपये बढ़ा कर 600 रुपये प्रतिमाह। 42 लाख से अधिक को फायदा।- बजट में कोई नया कर लागू नहीं- मंदिर के पंजीकृत पुजारियों के मानदेय में तीन गुना तक बढ़ोतरी-वक्फ बोर्ड एवं हज कमेटी के अनुदान में वृद्धि-किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के बजट में 66 प्रतिशत की वृद्धि- गंभीर कुपोषित बच्चों का समुदाय स्तर पर प्रबंधन किये जाने के लिये नौ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरु, -महिला एवं बाल विकास से संबंधित कार्यक्रमों के लिये 5,293 करोड़ रुपये का बजट-चंदेरी एवं महेश्वर साड़ियां, धार का बाघ प्रिंट कपड़ा, भोपाल के बटुए, छतरपुर व टीकमगढ़ के पीतल उत्पाद, रतलाम के सेव, मुरैना की गजक, भिण्ड के पेड़े, सागर की चिरौंजी बफीर्, मालवा के चूरमा-लड्डू व बाटी, बुरहानपुर की मावा जलेबी तथा ऐसे अन्य विशेष उत्पादों की देश विदेश में पहचान स्थापित किये जाने के लिये उनकी ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग विशेषज्ञ एजेन्सियों के माध्यम से की जायेगी।-जय किसान ऋण माफी योजना हेतु 8000 करोड़ रुपये।-इंदिरा किसान ज्योति एवं कृषि पंप हेतु 7117 करोड़ रुपये।-गेहूं पर 160 रुपये बोनस राशि, इस हेतू 1600 करोड़ रुपये ।- कृषि क्षेत्र में रोजगार हेतु मुख्यमंत्री बागवानी एवं खाद्ध प्रसंस्करण योजना प्रारंभ कर राशि रुपये 100 करोड़ रुपये। -सहकारी बैंकों को अंशपूंजी हेतु राशि रुपये 1000 करोड़ रुपये।-पेंशन प्रदाय एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना हेतु सामाजिक न्याय विभाग का बजट 43 प्रतिशत बढ़ाकर रुपये 2891 करोड़ किया गया।-युवा स्वाभिमान योजना हेतु विभिन्न विभागों में रुपये 330 करोड़ का प्रावधान-कुल रोजगार को 70 प्रतिशत मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासियों को प्रदाय करने हेतु कानूनी प्रावधान पर कार्य किया जायेगा।- जल संरक्षण हेतु 36 जिलों की 40 नदियों पर नदी पुनर्जीवन अभियान- शासकीय भूमि के बेहतर प्रबंधन हेतु लेंड मेंनेजमेंट अर्थारिटी गठन किये जाने का प्रस्ताव- पेयजल के अधिकार हेतु रुपये 1000 करोड़ का प्रावधान, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की योजना के लिये 4,366 करोड़ रुपये का प्रावधान- स्वास्थ्य क्षेत्र में 32 फीसद की बढ़ोतरी- भोपाल –इन्दौर एक्सप्रेस- वे पर सैटलाइट टाउन, औद्योगिक क्षेत्र एवं ड्राई पोर्ट की योजना- नगरीय विकास के लिये 15,665 करोड़ का प्रावधान, इसमें 4,200 करोड़ रुपये हाउसिंग फार आल हेतु- सड़क एवं पुल हेतु लोक निर्माण विभाग के लिये 9,220 करोड़ रुपये।- सिंचाई परियोजनाओं में पूंजीगत मद में 6,877 करोड़ रुपये। – स्कूल शिक्षा विभाग के तहत 24,499 करोड़ रुपये।- उच्च शिक्षा विभाग के तहत 2,342 करोड़ रुपये।- तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1,666 करोड़ रुपये ।- आदिम जाति कल्याण विभाग के लिये 7,492 करोड़ रुपये।- चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 2,309 करोड़ रुपये ।- महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत 5,292 करोड़ रुपये।- ऊर्जा क्षेत्र के अंतर्गत 9,888 करोड़ रुपये।- गृह विभाग की योजनाओं के लिये 7,634 करोड़ रुपये।