मप्र-जबलपुर पहुंचे अमित शाह, कहा केन्द्र व राज्य सरकारें जनजातीय विकास के लिए समर्पित
जबलपुर, 18 सितंबर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज सुबह बीएसएफ के विशेष विमान से लगभग 11.30 पर जबलपुर डुमना विमानतल पहुंचे। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद राकेश सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने किया। तत्पश्चात श्री शाह ने अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। गैरीसन ग्राउंड में आयोजित अमर शहीद शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में जनजातीय कल्याण की दिशा में बेहतर कार्य हुए हैं। केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकार ने भी जनजातियों के विकास के लिए अनेक योजनाएँ बनाकर उन्हें मैदानी स्तर पर क्रियान्वित किया है। मध्यप्रदेश में जनजातीय विकास के लिए पहले भी कार्य हुए हैं, लेकिन आज शिवराज सिंह चौहान ने जनजातीय वर्ग को अधिकार देने की शुरूआत की है।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि संस्कारधानी के अमर शहीद शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर 5 करोड़ की लागत से बनने वाले स्मारक की आधारशिला रखने का अवसर मुझे मिला है, इसके लिए मैं अपने आपको को सौभाग्यशाली समझता हूँ। आज जो स्मारक की आधारशिला रखी गई है, यह स्मारक आने वाले हजारों वर्ष तक युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा देने का कार्य करेगा। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में हम आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और उसमें ऐसे बलिदानी, जिनका इतिहास में जिक्र नहीं है, उनके इतिहास को खोजकर संजोने के लिए संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। देशभर में 9 स्थानों का चयन किया गया है, जिसमें 200 करोड़ रूपये की लागत से काम कराया जा रहा है। इसमें मध्यप्रदेश का छिंदवाड़ा भी शामिल है। संग्रहालयों का कार्य प्रारंभ हो चुका है और अभी तक 110 करोड़ रूपये खर्च भी किए जा चुके हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने कहा कि आजादी की अलख जगाने का इतिहास उठाकर देखें तो 1857 की क्रांति और उससे पहले गुलामी की जंजीरों से माँ भारती को मुक्त कराने में बलिदान देने वालों में जनजातीय वर्ग के नायकों की भूमिका सर्वाधिक रही है। देशभर में आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। महोत्सव मनाने के पीछे मंशा यह है कि हमें आजाद कराने में बहुत से ऐसे गुमनाम सिपाही और वीर बलिदानी हैं, जिनकी कहीं पर भी इतिहास में चर्चा नहीं है। ऐसे हमारे सिपाहियों का इतिहास खोजा जा रहा है और उनकी स्मृतियों को संजोने के साथ ही आमजन को उनकी देशभक्ति की गाथाओं से परिचित कराने का कार्य किया जा रहा है।
हर वर्ष मनाया जायेगा बलिदान दिवस- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पराक्रमी राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह ने अपनी मातृ-भूमि, अपने धर्म, अपने राज्य की रक्षा के लिये और भारत माता की परतन्त्रता की जंजीरों को काटने के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। हम उन सभी वीरों की पूजा करते हैं, जिन्होंने मातृ-भूमि के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। ऐसे जनजातीय नायकों को समर्पित भव्य स्मारक का निर्माण कराया जायेगा, जिसका सूत्रपात आज किया गया है। हर साल 18 सितम्बर को बलिदान दिवस मनाया जायेगा। श्री शाह ने कहा कि केन्द्र और राज्य दोनों ही सरकारें जनजातीय विकास के लिए समर्पित सरकारें हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनजातीय कल्याण के लिए कई कार्यों को मैदानी स्तर पर अमलीजामा पहनाने का कार्य किया है।
आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के अंतर्गत केन्द्रीय गृहमंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गोंडवाना साम्राज्य के राजा शंकरशाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह की बलिदान गाथा का स्मरण किया। गोंडवाना साम्राज्य के राज परिवार को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भारत के रजवाड़ों में प्रथम बलिदानी होने का गौरव हासिल है, जिन्हें तोप के मुंह से बांधकर मृत्यु दी गई। इस अवसर पर केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं जलशक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री श्री रामेश्वर तेली, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद बीडी शर्मा, सांसद राकेश सिंह, प्रदेश के गृह, जेल, संसदीय कार्य, विधि एवं विधायी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, जनजातीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह, सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री अरविंद भदौरिया, राज्यसभा सांसद संपतिया उइके और विधायक नंदनी मरावी उपस्थित रहे।