चमोली हादसा: तपोवन टनल में फिर से शुरू रेस्क्यू ऑपरेशन

देहरादून, 11 फरवरी। उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त तपोवन-विष्णुगाड परियोजना की गाद से भरी तपोवन सुरंग में फंसे 30-35 लोगों तक पहुंचने के लिए गुरुवार को खुदाई अभियान शुरू किया गया। इसी बीच तपोवन में अलकनंदा नदी फिर से उफान पर आ गई थी, जिसकी वजह से खतरे को टालने के लिए सुरंग में बचाव कार्य को रोका गया था, लेकिन अब जलस्तर घटने के बाद टनल में फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।दरअसल, अलकनंदा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे उसका पानी टनल में भी आ गया। इस वजह से मौके पर अचानक अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इसके बाद आनन-फानन में रेस्क्यू टीम और मशीनों को बाहर निकाल लिया गया है।
साथ ही बैरिकेड्स लगाकर रेस्क्यू टीम के लोगों को बाहर निकाल लिया गया है, हालांकि, अभी साफ नहीं है कि अचानक पानी का बहाव क्यों बढ़ गया है।फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया है। वहीं एनटीपीसी परियोजना के निदेशक उज्जवल भट्टाचार्य ने बताया कि हम टनल में 6 मीटर की दूरी तक पहुंच गए और फिर महसूस किया कि वहां पानी आ रहा है। अगर हम जारी रखते, चट्टानें अस्थिर होतीं, तो समस्याएं होतीं, इसलिए हमने ड्रिलिंग ऑपरेशन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है।
तपोवन सुरंग में फंसे 25 से 35 लोगों को ढूंढने में गाद के कारण बचाव अभियान में आ रही दिक्कतों के बाद बचाव दलों ने गुरुवार को बहुआयामी रणनीति अपनाई है।सेना, एनडीआरएफ, आइटीबीपी और एसडीआरएफ द्वारा लगातार चलाए जा रहे बचाव और तलाश अभियान में पांचवे दिन गुरुवार को सुरंग में फंसे लोगों को ढूंढने के लिए रिमोट सेंसिंग से लेकर ड्रिलिंग तक हर तकनीक अपनाई जा रही है।