एक बार विधायक और उम्रभर ऐश…
एक कर्मचारी 60 साल काम करने के बाद भी पेंशन के लिए तरसता है, जबकि एक नेता 5 साल सत्ता में रहकर जीवनभर पेंशन पाता है। यह लोकतांत्रिक समानता के मूल्यों का मज़ाक है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई गई है। अब वक्त है कि आम नागरिक, कर्मचारी और युवा इस मांग को साझा करें — या तो सभी को बराबरी से पेंशन मिले, या नेताओं की यह सुविधा खत्म हो।